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जानें सपनों का मतलब

द्वारा: pratima avasthi     लेखक : -[डा. भगवतीशरण मिश्र]
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जानें सपनों का मतलब

सपने हमारे संगी हैं। रात हो या दिन, ये कभी-भी हमारा साथ नहीं छोडते।
नींद के दौरान भावनाओं, विचारों और इंद्रिय-ज्ञान का चित्र अचेतावस्था में हमारे मन-मस्तिष्क में बनता रहता है, जिसे हम स्वप्न कहते हैं। हालांकि आज भी वैज्ञानिक इसके बारे में ठीक-ठीक नहीं बता पाते हैं कि ये कैसे और क्यों बनते हैं? लेकिन भारतीय ग्रंथ, देशी-विदेशी चिंतक सपनों के बारे में बहुत कुछ कहते हैं।

निद्रा और स्वप्न का चोली-दामन का संबंध है। नींद के बिना सपने नहीं आते हैं। यह धारणा गलत है कि गहरी नींद में सपने नहीं आते हैं। गहरी नींद में भी सपने आते हैं, अलबत्ता कुछ लोगों को ऐसे सपने याद नहीं रहते। सपना सभी देखते हैं कुछ वर्ष पहले यह बात समाचार-पत्रों में आई कि पाश्चात्य शोध ने सिद्ध कर दिया है कि मनुष्य ही नहीं, पशु भी सपने देखते हैं। यह तथ्य हमारे चिंतकों ने सदियों पहले बताया था।

प्रश्नोपनिषद के पांचवें श्लोक में यह स्पष्ट है कि सभी प्राणी स्वप्न देखते हैं।

सर्वपश्यतिसर्व: पश्यति।

मान्यता है कि उपनिषदों का समय लगभग 6हजार वर्ष पहले का है।

दरअसल, मनुष्य या किसी भी प्राणी में शरीर, मन और आत्मा की प्रधानता होती है। मुख्य रूप से स्वप्न मन के विषय हैं। यही कारण है कि मनोविज्ञान विषय के अन्तर्गत उसका अध्ययन किया जाता है। उपनिषद कहते हैं

अत्रैषदेव: स्वप्नेमहिमानमनुभवति।

स्वप्न अक्सर सही होते हैं, कभी-कभी ही यह सच नहीं होता। स्वप्न संबंधी किंवदंतियां लोगों के अनुभवों पर आधारित होती हैं। इसलिए उन्हें अंधविश्वास कह कर गलत नहीं ठहराया जा सकता है। क्या है अर्थ? स्वप्न देखने के बाद हम उसका कुछ न कुछ अर्थ लगाते हैं। इसके आधार पर स्वप्नों के कुछ प्रकार हैं-निरर्थक, सार्थक, भविष्यसूचक,शुभफलदायी,अशुभफलदायी,दैवी, आवश्यकता-पूर्ति-कारक, आनंद देने वाला, भय दर्शाने वाला इत्यादि। निरर्थक स्वप्न ऐसे होते हैं, जो मन के भटकावसे उत्पन्न होते हैं। जागने पर प्राय: हम उसे भूल जाते हैं। जो स्वप्न हमें याद रहते हैं, वे सार्थक कहलाते हैं। ये स्वप्न शुभ फलदायी,अशुभ फलदायी या भविष्य सूचक भी हो सकते हैं।

दैवी स्वप्न अपवाद हैं। इनमें देवी-देवता हमारे स्वप्न में साक्षात प्रकट हो कर निर्देश देते हैं। छत्रपति शिवाजी की इष्ट देवी तुलजा भवानी थीं। स्थानीय लोग मानते हैं कि उन्होंने स्वप्न में प्रकट होकर शिवाजी से बीजापुरके सेनापति अफजल से युद्ध करने का आदेश दिया था। जनश्रुतियोंके अनुसार, स्वयं शिव और पार्वती तुलसीदास के स्वप्न में आए। उन दोनों ने उन्हें रामचरितमानस लोक भाषा में लिखने का आदेश दिया। गोस्वामी के शब्दों में -

सपनेहुंसाथिमोपर, जो हर गौरी पसाउ।
तेफुट होइजो कहहीं, सब भाषा मनितिप्रभाउ।

लोक-भाषा अवधि में लिखा गया रामचरितमानस और तुलसी दोनों अमर हो गए। भूख लगने पर आप सपने में रोटी खाते हैं। प्यास लगने पर पानी पीते हैं। ये आवश्यकता-पूर्ति-कारक स्वप्न हैं। ऐसे स्वप्न सामान्य कोटि के होते हैं। ये कम-से-कम आपकी निद्रा में बाधा नहीं डालते हैं। कुछ स्वप्नों में आप फूलों भरी वादियों में घूमते हैं या अन्य आकर्षक द्रव्य देखते हैं, तो इन्हें आनंददायक कोटि का स्वप्न कहा जा सकता है। कुछ स्वप्न में आप किसी भय से भागते रहते हैं, तो ये भयकारकहैं। अंग्रेजी में इन्हें नाइटमेयर्स कहते हैं।

हमारे शास्त्रों के अनुसार, इनको देखना शुभ फलदायक है। आकाश में उडना, नदी या समुद्र में तैरना, तारों या चंद्रमा का दर्शन, महल या पर्वत की चोटी पर आसीन होना हमारी उन्नति को बताता है। सफेद फूल, दर्पण, देवता, आभूषण से सुसज्जित स्त्री को देखना सुखकारक होता है।

यदि आप स्वप्न में स्वयं को मल में लिपटा हुआ पाते हैं या सांप ने आपको काट लिया है, तो इसका मतलब है कि आपको धन की प्राप्ति होगी। सपने में आपके सिर पर सांप काट ले, तो आप राजा तक बन सकते हैं।

अशुभ स्वप्न :यदि स्पप्नमें आपके दांत टूट जाते हैं, तो इसका मतलब है कि आप बीमार पडने वाले हैं। खाई में गिरना पद-हानि, अथवा पतन का प्रतीक माना जाता है। भैंस दिखने का अर्थ है कि आपकी मृत्यु आपके नजदीक है। सिर के केशों का गिरना-भयानक बीमारी, सोने के गहने का टूटना पुत्र-हानि का सूचक है।

इंटरप्रिटेशन ऑफ ड्रीम्स

पाश्चात्य चिंतकों ने भी सपनों का विश्लेषण किया है। इनमें फ्रॉयडका नाम उल्लेखनीय है। उनका इंटरप्रिटेशन ऑफ ड्रीम्सबहुत लोकप्रिय हुआ। फ्रॉयडके अनुसार, हम अपनी नींद को तीन अवस्था में बांट सकते हैं-चेतन [कॉन्शस], अचेत [अनकॉन्शस], अ‌र्द्धचेतन [सब कॉन्शस]।अ‌र्द्धचेतन अवस्था में ही हम स्वप्न देखते हैं। उनके अनुसार, स्वप्न में हम सभी उन्हीं इच्छाओं को पूरी होते हुए देखते हैं, जिसे हम अपने मन में दबाए रखते हैं। यह इच्छा किसी लक्ष्य को पाने, यहां तक कि हमारी दमित काम भावना भी हो सकती है। फ्रॉयडका कहना था कि हमें उन स्वप्नों को सच मानने के बजाय उनका विश्लेषण करना चाहिए।

प्रकाशन तिथि: 04 जुलाई, 2009   
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  1. 1. dj sandy

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    try to mention more fact about dreams serialy...thnx fr knowledge regards dj sandy

    0 स्तर 13 नवम्बर 2011
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