कैसे पाएं बेहतर अंक
सिविल सेवा मुख्य परीक्षा
में
निबंध एक अनिवार्य विषय के रूप में शामिल है। यह 200 अंकों का होता है। निबंध में अधिकतम प्राप्तांक न सिर्फ आपको सफलता की सूची में शामिल करा सकता है, बल्कि मेरिट लिस्ट में टॉप स्थान भी दिला सकता है।
जानें निबंध की प्रकृति
सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के
निबंध के प्रश्नपत्र में छ: निबंध दिए जाते हैं। इनमें से किसी एक पर हिन्दी या अंग्रेजी में लिखना होता है। निबंध अलग-अलग विषयों से संबद्ध होते हैं। इनकी अवधि तीन घंटे की होती है। अभ्यर्थियों से अपेक्षा की जाती है कि निबंध टू दी प्वाइंट हो तथा कम से कम शब्दों में सभी महत्वपूर्ण बातें शामिल हों। निबंध लगभग 1800-2000 शब्दों में लिखना चाहिए।
विषय का स्वरूप
निबंध में बेहतर अंक पाने के लिए सबसे पहले निबंध के विषय क्षेत्र को चुनना जरूरी है। यदि आप परीक्षा में पूछे गए निबंध देखेंगे, तो सामान्य तौर पर ये निबंध महिला, साहित्य, विज्ञान व प्रौद्योगिकी के अलावा समकालीन मुद्दों खासकर आर्थिक, नगरीकरण और पर्यावरण के इर्दगिर्द होते हैं। एक निबंध जीवन-जगत के दार्शनिक पहलुओं से संबद्ध उच्च चिंतन का होता है। जैसे-सत्य सीखा नहीं जाता, जिया जाता है आदि।
विशेष रणनीति इस पेपर का मकसद आपकी सोच, भाषा-शैली और सहज अभिव्यक्ति क्षमता को परखना होता है। इसलिए आप सूझ-बूझ के साथ व्यवस्थित और तर्कपूर्ण ढंग से लिखें। इसके लिए खूब प्रैक्टिस करें। आप जिस विषय पर निबंध लिखना चाहते हैं, सबसे पहले उस विषय से संबंधित ज्यादा से ज्यादा मैटेरियल एकत्र कर लें। यदि आपके आस-पास कोई ऐसा मित्र या परिचित है, जो इस परीक्षा में पहले सफलता हासिल कर चुका है, उससे मशविरा लेकर अपनी तैयारी की स्ट्रेटेजी बनाना लाभप्रद हो सकता है। अकसर देखा जाता है कि स्टूडेंट्स निबंध लेखन के लिए जिस
टॉपिक की तैयारी करते हैं, परीक्षा देते समय उस टॉपिक पर न लिखकर किसी अन्य टॉपिक पर लिखना शुरू कर देते हैं। इस तरह की स्थिति घातक हो सकती है। निबंध में लेखन क्रमबद्ध, संक्षिप्त एवं मौलिक होना चाहिए। कई सफल अभ्यर्थियों का कहना है कि चयनित निबंध की भूमिका एवं निष्कर्ष को परीक्षा भवन में पहले रफ लिख लेना चाहिए। इसके बाद उसमें पर्याप्त संशोधन करने के बाद उसे फेयर कर लेना चाहिए। यदि आप इस तरह की स्ट्रेटेजी अपनाते हैं, तो आपकी तैयारी बेहतर हो जाएगी और आप कम समय में अच्छे से अच्छे अंक प्राप्त कर सकेंगे।
संदर्भित पाठ्य सामग्री
योजना
कुरुक्षेत्र
समसामयिक पत्रिकाएं
दैनिक अखबार
खास बातें
निबंध लेखन में मौलिकता आवश्यक है।
पहले से ही अभ्यर्थियों को उपर्युक्त 6 विषय में से किसी एक या दो विषय का चयन करते हुए उससे संबंधित सामग्री का एकत्रीकरण स्तरीय पत्रिका व अखबार आदि से करना चाहिए।
निबंध की भाषा सरल, संक्षिप्त एवं धारा प्रवाह होनी चाहिए।
निबंध लेखन में विश्लेषणात्मक शैली को महत्व देना चाहिए, न कि आंकडों को।
अगर संभव हो सके, तो विषय वस्तु को सारगर्भित एवं स्पष्ट करने के लिए कोटेशन का प्रयोग किया जा सकता है।