Summarize Human Knowledge

.

श्वूंग होम>सामाजिक विज्ञान>शिक्षा>पैसे से कैश होगा अब्रॉड एजुकेशन

.

पैसे से कैश होगा अब्रॉड एजुकेशन

द्वारा : pratima avasthi    

लेखक : एस. झा
पैसे से कैश होगा अब्रॉड एजुकेशन
इसमें
कोई दो राय नहीं कि अब्रॉड जाने से पहले जब तक आप अपना फाइनैंशियल प्लान सही नहीं रखते, तब तक आपकी सारी तैयारी व्यर्थ है। लेकिन इस सच से भी हम मुंह नहीं मोड सकते हैं कि अब फाइनैंस कोई बडा मुद्दा नहीं रह गया है, जैसा कि कुछ वर्ष पूर्व हुआ करता था। दरअसल, आज न केवल बैंकों से मिलने वाले लोन, बल्कि संबंधित शिक्षण संस्थानों द्वारा ऑफर की जाने वाली स्कॉलरशिप-फेलोशिप आदि के कारण भी अब्रॉड से एजुकेशन प्राप्त करने का सपना अब कोई सपना नहीं रह गया है। वास्तव में, यह भी एक वजह है, जिसके कारण इन दिनों अब्रॉड से एजुकेशन प्राप्त करने वाले भारतीय स्टूडेंट्स की संख्या में दिन-प्रति दिन इजाफा ही हो रहा है। बहरहाल, अब्रॉड एजुकेशन में कॉस्ट हमेशा से एक की-फैक्टर रहा है, जिसे हम तीन भागों में बांट कर देख सकते हैं। पहला, स्टूडेंट्स, जो फाइनैंशियली मजबूत हैं और खुद वे विदेश में पढने के लिए अपनी एजुकेशन की फंडिंग कर सकते हैं। दूसरा, वे हैं, जो फाइनैंशियली थोडे कमजोर हैं, इसलिए उन्हें बाहर से फंडिंग की आवश्यकता होती है। दरअसल, ऐसे ही स्टूडेंट्स बैंकों से लोन लेकर अपनी शिक्षा की फंडिंग कर पाते हैं। तीसरे कैटॅगरी में वे स्टूडेंट्स आते हैं, जो एकेडमिकली टैलॅन्टेड होते हैं और इसी कारण वे विदेश शिक्षा के लिए ऑफर किए जा रहे स्कॉलरपिश प्रोग्राम के योग्य होते हैं या इसका लाभ उठा पाते हैं। वैसे, आप उक्त में से जिस भी एक कैटॅगरी में आते हों, आप अपना फाइनैंशियल प्लान काफी सूझ-बूझ के साथ और एडवांस में ही बनाएं, ताकि बाद में फाइनैंस आपके लिए कोई समस्या न बन सके।
रखें कॉस्ट का लेखा-जोखा
बेहतर होगा कि आप अब्रॉड से एजुकेशन की प्लानिंग करने से पहले वहां होने वाले पूरे खर्चे का पूरा लेखा-जोखा रखें। ऐसा करते समय आपको न केवल इंटरनेट, बल्कि अब्रॉड में रहने वाले अपने नजदीकी मित्रों को भी स्त्रोत के रूप में प्रयोग करना चाहिए। इस बात का ध्यान जरूर रखें कि जहां एक ओर, कुछ यूनिवर्सिटीज की ट्यूशन फीस अधिक जरूर होती है, लेकिन उस देश में रहने-खाने या पर्सनल खर्चे कम होते हैं। वहीं दूसरी ओर, कुछ यूनिवर्सिटीज या शिक्षण-संस्थान ऐसे भी हैं, जहां कि ट्यूशन फीस जरूर कम है, लेकिन उस देश में रहने-खाने का कॉस्ट बहुत ज्यादा होता है। इन्हीं बातों के मद्देनजर यह जरूरी है कि आप संबंधित यूनिवर्सिटीज की फीस के अलावा, रहने-खाने आदि के खर्चो के बारे में सभी स्त्रोतों से पूरी-पूरी जानकारी जुटा लें। जैसा कि कॉर्नेल यूनिवर्सिटी, इथिका (यूएस) से रिसर्च कर रहीं लेखा गुप्ता कहती हैं,-मुझे यूएस आने के बाद रहने के लिए हॉस्टल आदि के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पडी, जैसा कि आम तौर पर स्टूडेंट्स को करना पडता है। दरअसल, मुझे स्टूडेंट यूनियन की मदद से न केवल किफायती, बल्कि कोई खास परेशानी उठाए बिना ही हॉस्टल मिल गया था। दरअसल, मेरे परिवार के नजदीकी मित्र ने इसमें मेरी सहायता की थी। हालांकि ऐसा अक्सर देखा गया है कि स्टूडेंट्स पहले से रहने-खाने संबंधी जानकारी नहीं जुटाते हैं, न ही अपने स्त्रोतों को खंगालते या उनकी मदद लेते हैं। शायद इसीलिए उन्हें यहां आने के बाद ज्यादा खर्च करना पडता है।
यदि बैंक से लेना है लोन..
यदि यह कहें कि अब्रॉड से एजुकेशन की फंडिंग करने में आज बैंक-लोन की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो गई है, तो शायद गलत नहीं होगा। दरअसल, बैंक लोन उन स्टूडेंट्स के लिए वरदान की तरह है, जो टैलॅन्टेड हैं, लेकिन जिनकी आर्थिक पृष्ठभूमि उन्हें अब्रॉड से एजुकेशन प्राप्त करने की इजाजत नहीं देती है। जैसा कि लोवा यूनिवर्सिटी (यूएस) के रिसर्च के छात्र कुलदीप बाधवा कहते हैं-4जरूरी नहीं कि जो भी अब्रॉड से एजुकेशन प्राप्त करना चाहते हैं, वे बेहद उच्च आर्थिक पृष्ठभूमि से ही आते हों! सच तो यह है कि मैं भी एक सामान्य मिडिल क्लास से हूं और मेरी पढाई में बैंक-लोन की बहुत बडी भूमिका है। हां, यदि आप भी बैंकों से लोन लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो कुछ सामान्य जानकारी आपको भी जरूर रखनी चाहिए..
बैंक कुल कॉस्ट का लगभग 85 प्रतिशत तक फंडिंग कर सकता है। इसमें ट्रैवॅल कॉस्ट, ट्यूशन-फीस, रहने आदि के खर्च कॅवर होते हैं।
बैंक-लोन लेने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखें कि आपकी इनकम कॅपैसिटी भी उसी लेवॅल की हो! दरअसल, लोन लेते समय बैंक आपसे कैश या मॉर्टगेज सिक्योरिटी की मांग करता है।
कुछ खास है..

संबंधित देश की मुद्रा के मूल्य की सही-सही जानकारी रखें और इस अनुसार ही अपने खर्चोका करें आकलन।
मुद्रा के मूल्य के अनुसार, साप्ताहिक ही नहीं बनाएं दैनिक बजट भी।
स्कॉलरशिप-फेलोशिप आदि के अलावा, एजुकेशन फंडिंग के लिए संबंधित देश में पार्ट-टाइम जॉब भी है बेहतर विकल्प।
सेल्फ कुकिंग करने से होगी आपकी काफी बचत। 
प्रकाशन तिथि: फरवरी 02, 2009
कृपया इस सार का मूल्यांकन करें : 1 2 3 4 5

Bookmark & share this post

People who read this review also read:

.