Summarize Human Knowledge

.

श्वूंग होम>सामाजिक विज्ञान>शिक्षा>...ताकि रहे न कोई कसर बाकी

.

...ताकि रहे न कोई कसर बाकी

द्वारा : pratima avasthi    

लेखक : मीरा रवि
...ताकि रहे न कोई कसर बाकी
 
पढ़ाई का कौन - सा
तरीका सबसे अच्छा है ? आपके लिए क्या ठीक होगा ? क्या आपको पढ़ाई के लिए ऐसी तकनीक अपनानी चाहिए , जो दूसरों के लिए भी उपयोगी रही है। उस वक्त क्या करना चाहिए , जब टीवी या अन्य चीजें अपनी ओर खींचती हों ? तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ऐसे सवाल हमेशा उलझन भरे रहे हैं। यहां कुछ ऐसे टिप्स दिए जा रहे हैं , जिनके अनुसार पढ़ाई से आप भी सफलता की कतार में खड़े हो सकते हैं।
यह जरूरी नहीं है कि दो लोगों की शानदार रिजल्ट एक जैसा हो और इस बात में भी यकीन नहीं करना चाहिए कि जो तरीका एक पर लागू हो , वही दूसरे पर भी फिट हो जाए। फिर भी कुछ ऐसे तरीके हैं , जिनसे परीक्षा में मनचाहा परिणाम हासिल किया जा सकता है। सच यह है कि आपकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितने प्रभावपूर्ण तरीके से अपनी क्षमताओं का उपयोग करके पढ़ाई करते हैं। वहीं , शानदार रिजल्ट के लिए भी यह आवश्यक है कि तैयारी का प्रभावपूर्ण तरीका ही हमेशा उपयोग में लाया जाए। अगर तैयारी की शैली गलत होगी , तो यह समय की बर्बादी , फ्रस्टेशन और विफलता की आशंका को ही बढ़ाएगा। यह आपकी जिंदगी है , आपका समय है और आने वाला वक्त आपका भविष्य होगा , इसलिए सही ढंग से योजना बनाने की जरूरत है।
पढ़ाई की तकनीक
तथ्यों को सही ढंग से समझने के लिए सक्रिय रूप से पढ़ाई करना जरूरी होता है। वहीं , SQ3RT फॉर्म्युला काफी समय से तैयारी के लिए प्रचलित तकनीक है। अगर इस तकनीक को सही ढंग से अपनाया जाए , तो यह आपकी समझने की शक्ति को आश्चर्यजनक रूप से बढ़ाने में मदद करता है। विशेषकर प्रारंभिक और मुख्य परीक्षाओं की तैयारी के लिए यह काफी उपयोगी रहता है। तैयारियों के कुछ स्टेप्स यहां बताए जा रहे हैं :
S=SURVEY
जिस चैप्टर की पढ़ाई शुरू करने वाले हैं , सबसे पहले उसका विस्तारपूर्वक सर्वे कर लें। इसमें कोई भी चीज नहीं छूटनी चाहिए , जैसे - इसके कौन - कौन से भाग हैं , हेडिंग्स , सब हेडिंग्स , कैप्शन , ग्राफ , मैप , टेबल और फिगर इन सभी को कागज पर लिख लें। इसके बाद चैप्टर के सारांश को पढ़ें। इससे आपके पास चैप्टर के कॉन्टेंट का विवरण तैयार हो जाएगा। साथ ही , तथ्यों को संगठित करने के लिए फ्रेमवर्क भी मिलेगा। इससे उस चैप्टर से कोई भी सवाल छूटने की आशंका बिल्कुल खत्म हो जाएगी।
Q=QUESTION
चैप्टर के हर सेक्शन के हेडिंग को सवाल में बदल लें और उसका उत्तर खोजें। आपकी कोशिश यह भी होनी चाहिए कि परीक्षा में पूछे जाने वाले सवालों का अनुमान लगाएं कि कौन - कौन से प्रश्न संभावित हो सकते हैं।
R=READ

चैप्टर को सेक्शन में बांटकर पढ़ें और अपने सवालों का उत्तर खोजें। पढ़ाई करते समय पूरे तथ्य को समझने की कोशिश करें। चैप्टर के अंत में पूछे गए सवालों का उत्तर दें और सभी अंडरलाइन , इटैलिक और बोल्ड शब्दों को नोट कर लें। अगर कोई चैप्टर अधिक कठिन लग रहा हो , तो पढ़ाई की गति को कुछ धीमा करना सही रहेगा।
R=RECITE
जब आप किसी सेक्शन को पढ़ लेते हैं , तो पढ़े गए टॉपिक से खुद से सवाल कीजिए। सभी प्रश्नों के जवाब वर्बली दें और मुख्य बिंदुओं को भी बोलें। आप चाहें , तो इनके जवाब और मुख्य बिंदुओं को लिख सकते हैं , इससे आगे ये मददगार साबित होंगे।
R=REVIEW

आपने जिस चैप्टर को पढ़ लिया है , उस पर विस्तार से निगाह डालें। यह भी देख लें कि इसके सभी मुख्य बिंदु शामिल हुए हैं या नहीं। अपनी मानसिक स्थिति को सुधारें और याददाश्त को मजबूत बनाएं , जबकि चैप्टर की समीक्षा को पार्ट वाइज किया जा सकता है।
T=TEST

अब बारी टेस्ट की। जब पढ़ाई करते हुए कुछ दिन बीत जाएं , तो यह जांचना जरूरी हो जाता है कि हमें पढ़े हुए चैप्टर में से कितना याद हुआ। सच तो यह है कि टेस्ट पढ़ाई का अहम बिंदु है। अगर इसमें सफल नहीं हो पाते , तो आपको दोबारा उस चैप्टर की पढ़ाई करनी होगी। हकीकत यह है कि खुद का टेस्ट नहीं लेने से हम इस गलतफहमी में रह सकते हैं कि हम उस खास चैप्टर को अच्छी तरह समझ चुके हैं और हमसे कोई भी सवाल नहीं छूट सकता।
टाइमटेबल

अगर आपके पास पढ़ाई की सही योजना नहीं होगी , तो आप अपने बहुमूल्य समय का सही ढंग से उपयोग नहीं कर पाएंगे। शेड्यूल ऐसा बनाएं , जिसमें रिविजन के लिए भी पर्याप्त समय हो , पर सबसे अहम है इसे फॉलो करना।
शैली में बदलाव
तैयारी के एक ही तरीके से स्टूडंट्स अक्सर बोर हो जाते हैं , इसलिए यह आवश्यक है कि तरीका अपनी सुविधा के अनुसार थोड़ा बदल लिया जाए। पढ़ाई के बीच में कुछ लिखें , सवालों को फॉर्म्युले में ढालकर हल करने का प्रयास करें। किसी दूसरे व्यक्ति के साथ से पढ़े गए विषयों पर बात करें , यानी डिस्कशन से भी काफी फायदा हो सकता है।
समझने के लिए पढ़ें
सच तो यह है कि पढ़ते समय आपका दिमाग किताब पर ही होना चाहिए यानी कॉन्संट्रेशन बहुत जरूरी है। अगर आपको लगता है कि आपने सही ढंग से पढ़ाई की है , तो इसे जांचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आपने जो पढ़ा है , उससे जुड़े सवाल करें और फिर जवाब दें। अगर आप जवाब देने में सफल रहे , तो ठीक है , अन्यथा चैप्टर को फिर पढ़ना होगा।
मीरा रवि
प्रकाशन तिथि: फरवरी 01, 2009
कृपया इस सार का मूल्यांकन करें : 1 2 3 4 5

Bookmark & share this post

People who read this review also read:

.