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श्वूंग होम>सामाजिक विज्ञान>Counseling>असुरक्षित यौन संबंधों की बढती दर, फेसबुक दोषी?

असुरक्षित यौन संबंधों की बढती दर, फेसबुक दोषी?

द्वारा: luckyking     लेखक : singh lucky
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लोकप्रिय सोश्यल नेटवर्किंग साइट फेसबुक एक बार विवादों के घेरे में है. इस साइट पर आरोप है कि इससे लोगों के बीच आपसी मेलजोल बढ रहा है और इससे लोग असुरक्षित यौन संबंध स्थापित कर रहे हैं. फेसबुक जैसी साइटें विशेष रूप से युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय होती है और विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उनके तथा यौनकर्मियों के बीच आसानी से सम्पर्क स्थापित हो जाता है.

फेसबुक पर मिलने वाले मित्र एक दूसरे के साथ असुरक्षित यौन संबंध स्थापित करने के लिए तैयार हो जाते हैं और इससे अवांछित गर्भ के साथ साथ यौन बिमारियों के होने का खतरा भी कई गुना बढ जाता है. मात्र ब्रिटेन में ही सिफिलस जैसे घातक रोग के होने की दर में 4 गुना बढोत्तरी हुई है जो चिंताजनक है.

एनएचएस टीस नागरिक स्वास्थ्य के प्रोफेसर पीटर कैली के अनुसार ब्रिटेन में सिफिलस रोग की दर में काफी तेजी से वृद्धि देखी जा रही है और युवा महिलाएँ इसका सबसे अधिक शिकार हो रही हैं जो कि वाकई में काफी चिंताजनक है.

प्रो. कैली के अनुसार सोश्यल नेटवर्किंग साइटों ने लोगों के लिए सेक्स के लिए अन्य मित्र ढूंढना काफी सरल कर दिया है. वे इन साइटों पर ऐसे लोगों को खोजते हैं, उनसे बात करते हैं और सबकुछ तय कर लिया जाता है.

आज से 20 वर्ष पहले ऐसा सोचना भी काफी मुश्किल हो सकता है. तब सेक्स साथी ढूंढना सरल नहीं था परंतु आज ऐसा सर्वसुलभ है. लोग ओनलाइन सोश्यल नेटवर्किन्ग साइटों की मदद से सेक्स साथी ढूंढते हैं और उनके साथ असुरक्षित यौन संबंध स्थापित करते हैं. लोगों में कंडोम का इस्तेमाल करने के प्रति जागरूकता नहीं है और इससे यौन बिमारियों के होने की सम्भावना कई गुना बढ जाती है.

20 से 24 वर्ष आयुवर्ग की महिलाएँ तथा 25 से 34 आयुवर्ग के पुरूष इसका सबसे अधिक शिकार हो रहे हैं.
लोकप्रिय सोश्यल नेटवर्किंग साइट फेसबुक एक बार विवादों के घेरे में है. इस साइट पर आरोप है कि इससे लोगों के बीच आपसी मेलजोल बढ रहा है और इससे लोग असुरक्षित यौन संबंध स्थापित कर रहे हैं. फेसबुक जैसी साइटें विशेष रूप से युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय होती है और विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उनके तथा यौनकर्मियों के बीच आसानी से सम्पर्क स्थापित हो जाता है.

फेसबुक पर मिलने वाले मित्र एक दूसरे के साथ असुरक्षित यौन संबंध स्थापित करने के लिए तैयार हो जाते हैं और इससे अवांछित गर्भ के साथ साथ यौन बिमारियों के होने का खतरा भी कई गुना बढ जाता है. मात्र ब्रिटेन में ही सिफिलस जैसे घातक रोग के होने की दर में 4 गुना बढोत्तरी हुई है जो चिंताजनक है.

एनएचएस टीस नागरिक स्वास्थ्य के प्रोफेसर पीटर कैली के अनुसार ब्रिटेन में सिफिलस रोग की दर में काफी तेजी से वृद्धि देखी जा रही है और युवा महिलाएँ इसका सबसे अधिक शिकार हो रही हैं जो कि वाकई में काफी चिंताजनक है.

प्रो. कैली के अनुसार सोश्यल नेटवर्किंग साइटों ने लोगों के लिए सेक्स के लिए अन्य मित्र ढूंढना काफी सरल कर दिया है. वे इन साइटों पर ऐसे लोगों को खोजते हैं, उनसे बात करते हैं और सबकुछ तय कर लिया जाता है.

आज से 20 वर्ष पहले ऐसा सोचना भी काफी मुश्किल हो सकता है. तब सेक्स साथी ढूंढना सरल नहीं था परंतु आज ऐसा सर्वसुलभ है. लोग ओनलाइन सोश्यल नेटवर्किन्ग साइटों की मदद से सेक्स साथी ढूंढते हैं और उनके साथ असुरक्षित यौन संबंध स्थापित करते हैं. लोगों में कंडोम का इस्तेमाल करने के प्रति जागरूकता नहीं है और इससे यौन बिमारियों के होने की सम्भावना कई गुना बढ जाती है.

20 से 24 वर्ष आयुवर्ग की महिलाएँ तथा 25 से 34 आयुवर्ग के पुरूष इसका सबसे अधिक शिकार हो रहे हैं.
प्रकाशन तिथि: 28 अगस्त, 2011   
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