''Mall Thief'' aur 9000 karod ka salana choona!
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प्रकाशन तिथि: जनवरी 15, 2008
बिजनेस ''मॉल थीफ'' और 9000 करोड़ का सालाना चूना!
भारत में मॉल क्ल्चर बढ़ रहा है.पब्लिक को इससे अच्छी-खासी सुविधाएं मिल रही है.रिटेलर्स को अच्छा-खासा मुनाफ़ा हो रहा है....लेकिन नुकसान भी बड़े पैमाने पर उठाना पड़ रहा है.
कुछ ऐसे भी ग्राहक होते है जो मॉल में आते तो ही शॉपिंग करने...पर सामान उठा कर निकल भागते है. सेंटर फॉर रिटेल रिसर्च की एम डी शालिनी गुप्ता ने बताया कि सबसे बड़ी चोरी बड़े शॉपिंग मॉल्स में होती है. रिटेल सेक्टर से जो चीजें ज्यादा चोरी होती है उनमें वाहनों के पार्ट्स, हार्डवेयर, बिल्डिंग मटेरियल इ. है.यह 1.80 प्रतिशत है. इसके बाद कॉस्म्रेटिक्स, परफ्यूम्स और फार्मेसी की चीजों की चोरी 1.70 प्रतिशत है. कपड़े, फुटवियर, शराब, ज्वेलरी, घड़िया इ. चीज-वस्तुऑ की चोरी के प्रतिशत के आंकड़े भी उपलब्ध है. यह सर्वेक्षण सेंटर फॉर रिटेल रिसर्च कंपनी ने चेक प्वाइंट सिस्टम के सहयोग से कराया है.
द ग्लोबल रिटेल थेप्ट बेरोमिटर सर्वे इंफारमेशन रिपोर्ट के अनुसार भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान, सिंगापूर और थाइलैंड में से अवमूल्यन की सबसे ज्यादा दर भारत की 2.90 प्रतिशत है; जो पिछले साल 3.20 थी!
चेक प्वाइंट सिस्टम इंक कंपनी 1969 से न्यूयार्क के स्टॉक एक्सचेंज में व्यापार कर रही है.भारत में रिलायंस, पेंटालून, आदित्य बिड़ला ग्रुप, कुटोन्स रिटेल, रितू कुमार और लिलिपुट ग्रुप...चेक प्वाइंट से जुड़े हुए है!