मोबाइल में भारत का बोलबाला !
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प्रकाशन तिथि: मार्च 25, 2008
न्यूज मोबाइल में भारत का बोलबाला !
यूएसए से ज्यादा मोबाइल भारत में होंगे...ऐसा एप्रैल में होने जा रहा है!
दूरसंचार नियामक ट्राई ने आज कहा कि भारत आगामी एप्रैल में दुनिया का दूसरे नंबर का सबसे ज्यादा मोबाइल का प्रयोग करने वाला देश बन जाएगा. पहले नंबर पर चीन पहले से ही बैठा हुआ है! भारत में फरवरी के अंत तक मोबाइल इस्तेमाल करने वालों की संख्या 25.093 करोड़ तक तो पहुंच ही चुकी थी.अमेरिका में यह संख्या 25.6 करोड़ और चीन में 54.05 करोड़ थी. इस साल फरवरी में ही भारत में 85.3 लाख नए मोबाइल उपभोक्ता बने है!
ट्राई ने बताया कि ''भारत में हर महीने वायरलेस के सबसे ज्यादा उपभोक्ता बनतें है. एप्रैल में कुल उपभोक्ताओं की संख्या (वायरलेस और वायरलाइन)भी 30 करोड़ के आंकड़े को पार कर जाएगी.
अमेरिका में भारत के मुकाबले सिर्फ 20-30 लाख ही नए उपभोक्ता जुड़ रहे है. पिछले कई महीनो से ख़बर यही थी कि भारत सबसे ज्यादा नए ग्राहकों को जोड़ने में सफल रहा; पर पिछले ही महीने चीन इस रेस में आगे निकल गया. चीन की दो टेलिक़ॉम कंपनियों ने सिर्फ फरवरी में ही देश के भीतर 95 लाख नए उपभोक्ता बनाए! इसमें चाइना मोबाइल की हिस्सेदारी रही 80 लाख जबकि चाइना यूनिकॉम लिमिटेड ने 1.5 लाख नए ग्राहक जोड़े.
गौरतलब है कि जनवरी 2008 में 87.7 लाख नए मोबाइल फोन उपभोक्ता बने थे, जो एक विश्व-रिकोर्ड था.वैसे वृद्धि के मामले में भारत अब भी चीन से आगे चल रहा है.
वायरलेस उपभोक्ताओमें हो रही वृद्धि फिक्स्ड लाइन की उपभोक्ता संख्या को प्रभावित कर रही है.भारी बढत के बावजूद भी भारत में अब भी टेलिफोन प्रसार के मामले में घनत्व सिर्फ 35 फीसदी से कुछ ही ज्यादा है यानी के देश की एक अरब आबादी में प्रत्येक चार व्यक्तियों में से सिर्फ एक के पास ही फोन कनेक्शन है.