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एक्चुरियल साइंस...नई संभावनाएं!

द्वारा : ambalika    

लेखक : Hindustan
Education                      एक्चुरियल
साइंस...नई संभावनाएं!

 
 
मौजूदा दौर में जहां लोग सुरक्षित और आरामदायक जीवन के आदी हो चुके है...ऐसे में बीमा सेक्टर के कारोबार में अचानक तेजी आई है. भारत ब्रिटेन के बाद का दूसरा देश है, जहां जीवन बीमा के कारोबार मेम जिसने पहले प्रवेश किया.
 
एक्चुरियल साइंस आर्थिक आंकड़ों के विश्लेषण, भविष्य को देखते हुए पैसा इनवेस्ट करने के तरीकों, इंशोरेन्स रिस्क की गणना,बीमा प्रीमियम और पेन्शन योजनाओं आदि की जानकारी देने वाला मिला-जुला विञान है. जिस व्यक्ति को इसकी जानकारी होती है उसे एक्चुरी कहतें है.
 
एक एक्चुरी को एक्चुरियल सोसायटी की ऑफ इंडिया की सदस्यता लेनि पडती है. इसके बाद हि वह बीमा क्षेत्र के नियम बताने वालेओं में शामिल हो सकता है. एक्चुरी अपनी विश्लेषण क्षमता का प्रयोग करके प्रोपर्टी, बिजनेस और स्वास्थ्य क्षेत्रों के लिए बीमा पॉलिसी बनाते है.
 
25 से 35 साल की उम्र के युवाओं के लिए यह क्षेत्र संभावनाओं से भरा पड़ा है. अगर आपमें योग्यता है तो ऑफिसर रैंक से लेकर मैनेजिंग डायरेक्टर तक की पदवी आप आसानी से हासिल कर सकतें है.
 
इस क्षेत्र के कर्मचारी और उनके काम कुछ इस प्रकारके होतो है.
 
डेवलपमेंट ऑफिसर---- बिजनेस को बढाना और नये एजेंट नियुक्त करना इसका काम होता है.
 
आसिस्टेंट एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर----- इसका काम बीमा कंपनी के प्रशासनिक, अका उंट और बिजनेस की प्रगति सम्बधित कार्यों का निरिक्षण करना होता है.
 
इंश्योरेन्स सर्वेयर---- क्लायंट द्वारा क्लेम किए गए नुकसान का घटनास्थल पर जाकर आकलन करने की जिम्मेदारी सर्वेयर की होती है.
 
प्रमुख संस्थान---- मुंबई विश्वविद्यालय एक्चुरियल साइंस में ग्रेजुएशन कराता है और कल्याणी यूनिवर्सिटी से इस विषय में पीजी की जा सकती है. रैगुलर, पार्ट-टाइम और पत्राचार से भी यह कोर्स किया जा सकता है.
 
प्रकाशन तिथि: मार्च 04, 2008
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