मेनेजमेंट कोई विज्ञान नहीं हैं
Summary ratings: 3 stars
(xx voters)
विजिट्स:
44
शब्द:
300
प्रकाशन तिथि: फरवरी 21, 2008
मेनेजमेंट कोई विज्ञान नहीं हैं
आज जहाँ हर जगह मेनेजमेंट गुरु और किताबें छाई हुई हैं, हमें अच्छी तरह समझ लेना होगा के मेनेजमेंट की असली परीक्षा हमारे काम के प्रदर्शन से ही होती हैं
देश भर में फैले बुक स्टोर मेनेजमेंट की किताबों से अटे पड़े हैं। बिभिन्न क्षेत्रों और स्तरों पर काम करने वाले लोग सफलता के लिए मेनेजमेंट गुरुओं द्वारा लिखी पुस्तकों के बारे में पूछते रहते हैं। दरअसल हमारे देश की अर्थव्यवस्था या हमारी सामाजिक क्रियाशीलता को जितनी क्षति लाइसेंस के जरिये मेनेजमेंट विषय को पेशेवरों तक सीमित करने की कोशिश से पहुंचेगी, उतनी और किसी तरह से नहीं। लाइसेंस का मतलब इस बात से हैं की मेनेजमेंट के गलियारों में सिर्फ़ एक मेनेजमेंट-डिग्रीधारी ही प्रवेश करने का अधिकारी है सकता हैं। महान मेनेजमेंट गुरू पोटर ऍफ़ ड्रकर अपनी ताजातरीन पुस्तक दा डेली ड्र्कर में कहते हैं की यह सबसे बड़ी गलती हम सभी विभिन्न स्तरों पर करते हैं। वे कहते हैं की कुछ विशेष शैक्षणिक डिग्रीधारी लोगों तक मेनेजमेंट पदों को सीमित कर उधमी गलतियाँ करते जा रहे हैं। वे आगे कहते हैं की कुशल मेनेजमेंट की असली परीक्षा हमेशा आपके काम के प्रदर्शन से ही होती हैं। मेनेजमेंट को इस कसौटी पर कसा जाता हैं की यह काम वालों को अपना काम करने देता हैं या नहीं। दुनिया भर में बहुसंख्यक उधमी मेनेजमेंट को एक वैज्ञानिक और कुछ लोगों तक सीमित प्रोफेशन वाले ब्रांड का रूप देने में लगे हैं। ड्र्कर इस सोच को आर्थिक विकास के लिए बाधक मानते हैं। फंडा यह हैं की मेनेजमेंट यानी प्रबंधन का लक्ष्य और उद्देश्य ज्ञान के बजाये उपलब्धियाँ होनी चाहिए।