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khooni khel, bachchon ne goliyan chalai

Summary rating: 5 stars 1 समीक्षा
लेखक : Hindustan, ambalika
Summary by : ambalika
विजिट्स: 104
शब्द: 300
प्रकाशन तिथि: दिसम्बर 12, 2007
ambalikas abstract
                 
                  खूनी खेल...स्कूल के छात्रों ने गोलियां चलाई!
 
खूनी खेल अब आतंकवादियों तक ही सीमित नहीं रहा.बच्चों में में भी यह प्रवृत्ति बलवती होती जा रही है.
 
कल दिनांक 11 दिसम्बर के रोज दोपहर के समय,गुडगांव स्थित सेक्टर-45...इंटरनेशनल स्कूल में यह घटना हुई. आठवी कक्षा के दो छात्रों ने अपने ही साथी स्टुडंट को गोलियों से भून दिया.
 
आकाश नाम के छात्र ने अपने पापा की लाईसेन्सी पिस्तौल से अपने एक मित्र विकास के साथ मिलकर यह घिनौना कार्य कर डाला. दोनों छात्रों को कुछ समय पश्चात् ही गिरफ्तार कर लिया गया. मृतक छात्र का नाम अभिषेक त्यागी है.
 
इस घटना पर विचार करने वाले मनोचिकित्सकों का मानना है कि समाजमें आए बदलाव के कारण बच्चों में अपराध की भावना पनपती जा रही है. रिश्तों मे अब संवेदनशीलता कम होती जा रही है....यह भी एक महत्वपूर्ण कारण है.इस तरह की अपराधिक प्रवृत्ति बढाने में मीडिया और फिल्मों को भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है.
 
 
विमहन्स के डा.संजय पटनायक का कहना है कि खास कर महानगरों के बच्चों और युवाओं का सामाजिककरण ठीक से नहीं हो रहा है.... और नतीज़ा सामने है.
 
 
 
 
 
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टिप्पणियाँ

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  1. criminal tendencies among children

    monikapaul

    12 दिसम्बर 2007

    Its incident reflects a sick plight of our modern society.

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