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India Express

Summary rating: 3 stars 3 समीक्षा
Review by : Taptilok
विजिट्स: 553
शब्द: 600
प्रकाशन तिथि: सितम्बर 04, 2006
साईबर अपराधों में सूरत अव्वल!
एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार देश में सर्वाधिक साईबर अपराध गुजरात में, और गुजरात में सबसे ज्यादा सूरत में
सूरत। सूरत किसके लिये जाना जाता है? विनाशक बाढ़, कपड़ा व्यापार का गढ़, हीरे की चमक, स्वादिष्ट पकवानों और अब....साईबर अपराध। यदि नेशनल क्राईम रेकोर्ड्स ब्यूरो यानि एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों पर विश्वास करें तो साईबर अपराधों की श्रेणी में गुजरात पहले नंबर पर है और गुजरात में सूरत सबसे अव्वल। इस ताजा आकलन से सूरत पुलिस और सूचना तकनिक के कामकाज से जुड़े लोग भी हैरान हैं।
एनसीआरबी के अनुसार साईबर अपराध में कंप्यूटर, इंटरनेट या उससे जुडे क़िसी उत्पाद का उपयोग, नाजायज उपयोग या अवैध उपयोग शामिल है। यूं तो सूचना तकनिक नियम 2000 के अंतर्गत इन अपराधों के लिये विशेष प्रावधान हैं, लेकिन पुलिस बहुधा भारतीय दंड संहिता की धाराओं के अंतर्गत भी मुकदमे दर्ज करती है। यदि किसी इलेक्ट्रोनिक उत्पाद के जरिये किसी दस्तावेज या व्यावसायिक सूचना के साथ छेड़खानी की जाती है, तो धोखाधड़ी के अपराध के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 59 या 186 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया जाता है।
एनसीआरबी के वर्ष 2005 के आंकडाें के अनुसार देश भर में 481 अपराध दर्ज किये गये, इनमें से 155 अकेले गुजरात में दर्ज किये गये। सूरत में गुजरात के हिस्से के इन मुकदमों में से 146 दर्ज किये गये। ये आंकड़े कुछ रोचक तथ्य भी उजागर करते हैं। इन साईबर अपराधों में सर्वाधिक गिरफ्तारियां भी गुजरात और सूरत में हुईं। कुल 551 गिरफ्तारियों में से 162 गुजरात से हैं और इनमें भी सूरत में 134 गिरफ्तारियां हुई। साथ ही 18 वर्ष की आयु से कम सबसे कम उम्र का आरोपी और 60 वर्ष की आयु का सबसे बडी उम्र का आरोपी भी गुजरात में ही हिरासत में लिया गया।
एनसीआरबी देश भर के पुलिस थानों की ओर से जारी होने वाले आपराधिक आंकड़ों के आधार पर आकलन करने वाली स्वतंत्र संस्था है।
सूरत के पुलिस आयुक्त सुधीर सिन्हा के अनुसार पुलिस के सूचना तकनिकी के प्रावधानों के उल्लंघन के लिये ही नहीं अपितु कंप्यूटर एवं अन्य अत्याधुनिक सूचना क्रांति के साधनों के उपयोग से होने वाले अपराधों को दर्ज करने में भी काफी सक्रिय है। और केवल आईटी नियमों के तहत ही नहीं अपितु आईपीसी के अंतर्गत भी मामले दर्ज किये जाते हैं क्योंकि पुलिसकर्मियों को इसके तहत जांच करने में आसानी रहती है और मामले का निपटारा जल्दी हो सकता है। यूं तो सूचना तकनिक का उपयोग मुंबई, दिल्ली, पुना और बेंग्लोर में अधिक है लेकिन इस ताजा आंकड़े के बाद आईटी उद्योग के लोग भी आश्चर्यचकित हैं।
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