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' 8x10 तस्वीर'..... यह फिल्म खूब दौडेगी।
' 8X10 तस्वीर'..... यह फिल्म खूब दौडेगी।
..........आखिर कार एक अच्छी फिल्म आ हई गई।... इस साल की शुरुआत भले
कुछ अच्छी फिल्मों से नहीं हुई।....फिल्मों के नाम आप खुद ही पता कर सकतें है कि कौन सी फिल्म थोडी चली....कौन सी फिल्म का समुचा डिब्बा गोल हो गया.... कौन सी बिलकुल फ्लॉप गई.... और कौन सी बढिया पैकिंग में घटिया माल साबित हुई।.... सब चलता है भाई लोगो।
..... तो हम बता रहे थे कि आपकी कसौटी पर खरी उतरने वाली एक फिल्म मार्किट में आ ही गई। 8X10 तस्वीर की ही बात हम कर रहे है भाई लोगो। इस फिल्म में आपका चहिता हीरो अक्षय कुमार तो है ही.... साथ में है बला की खूबसूरत आयशा टाकिया, विगत जमाने की शर्मिली अदाकारा शर्मिला टैगोर, मंजे हुए अभिनेता गिरीश कर्नाड, अभिनय की पाठशाला अनंत महादेवन, हर भूमिका में फिट बैठने वाले जावेद जाफरी और बडी बडी आंखों वाली पिया शाह।..... बहुत अच्छी कास्टिंग है।.. फिल्म की सफलता में कलाकारों का बहुत बडा हाथ होता है.... आप फिल्म देख कर यही कह उठेंगे।... हमें पूरा विश्वास है।
.... अब कहानी की तरफ आगे बढतें है... जय पुरी ( अक्षय कुमार) एक रेंजर ऑफिसर है।... जंगलों में टहलने वाला है।... फोरेस्ट डिपार्ट्मेंट में काम कर रहा है. अब इसका कार्य क्षेत्र भी ऐसा ही है तो, जानवरों के लिए इसके मनमें हमदर्दी का होना स्वाभाविक ही है... यह जानवरों के हित में कुछ करना चाहता है।... एक प्लान इसके मन में तैयार हो रहा है।
.........जय के पिता एक बिजनेसमैन है.... बहुत सा धन कमा चुके है और आगे भी बहुतसा कमाने की इच्छा रखतें है.... पिता और पुत्र के बिच अनबन होने की यही मुख्य वजह है।... पिता का धन से प्यार और पुत्र का अपने फर्ज से प्यार।... मां शर्मिला टैगोर पिता-पुत्र को एक करने की भरसक कोशिश करती है लेकिन नतीजा शून्य।.... पिता से न सही,जय की अपनी मां से तो खूब बन रही होती है।
.........एक बार जय टूर पर गया होता है और इधर उसके पिता की मृत्यु हो जाती है। कारण हार्ट अटैक बताया जाता है।... लेकिन एक दिन पुलिस का डिटेक्टिव जावेद जाफरी जय के यहां आ धमकता है और बताता है कि उसके पिता की हत्या के कुछ सबूत मिले हुए है।...जय के पास एक 8X10 की एक पुरानी तस्वीर है....इस तस्वीर में जय के पिता के साथ सुंदर पुरी( अनंत महादेवन्) और अनिल शर्मा( गिरीश कर्नाड भी है।... दोनों उसके पिता के दोस्त है... तस्वीर में एक अन्य दोस्त भी है।
......... अब कहानी इंटरेस्टिंग बन रही है.... क्यों कि जय सुपरनेचुरल पावर का मालिक है.... फोटो देख कर वह उस व्यक्ति के अतीत में झांक सकता है।.... वह 8X10की उस तस्वीर में झांकता है और उसे पता चल जाता है कि उसके पिता की वास्तव में ही हत्या हुई है.... वह यह ही जान जाता है हत्यारा कोई अन्य व्यक्ति है, जो तस्वीर में मौजूद नहीं है।... अब पता कैसे लगाया जाए?
...............पता लगाने के दर्मियान ही अनंत महादेवन और गिरीश कर्नाड की भी ह्त्या हो जाती है.... हत्या का कारण भी पैसे बटोरना ही है। जावेद जाफरी भी गुत्थी सुलझाने में लगा हुआ है.... अब धीरे धीरे पर्दाफाश होने लगता है और पता चलता है हत्यारा जय का ही जुड्वा भाई है, जो बचपन में खो गया था और उसी सदमें से जय में सुपरनेचुरल पावर आई थी।
...... जय का भाई जीत है जो हत्यारा है।.... बहुत सी घटनाएं घट्ती है और जीत हत्यारा बन जाता है... अब वह अपने आप को बचान्रे केलिए जय को भी जान से मारने की कोशिश करता है...और उसके साथ उसकी प्रेमिका आयशा टाकिया है।... संजोग ही ऐसे पैदा हो जाते है कि जीत और आयशा ... एक दूसरे की गोली का निशाना बन जातें है।.... मर जाते है।...जय की जान बच जाती है।
........ सुपरनेचुरलपावर का करिश्मा आप इस फिल्म में देख सकतें है..... फोटोग्राफि A-1 है।....फिल्म देखते हुए किसी भी दृश्य को देखकर नहीं लगता कि यह अवास्तविक है... अक्षय कुमार का बेहतरीन अभिनय इस फिल्म में देखा जा सकता है।
प्रकाशन तिथि:
अप्रैल 04, 2009
ambalika के द्वारा और अधिक संक्षेपण
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