Summarize Human Knowledge

.

श्वूंग होम>औषधि & स्वास्थ्य>आनुवंशिक विज्ञान>चार करोड़ भारतीयों का दिल संकट में

.

चार करोड़ भारतीयों का दिल संकट में

चार करोड़ भारतीयों का दिल संकट में

हर 25वें
भारतीय के शरीर में ऐसा जीन विद्यमान है, जिससे उसे दिल का दौरा पड़ने का खतरा बहुत ज्यादा हो जाता है। यह जीन उत्परिवर्ती या म्यूटेंट किस्म का है, यानी ऐसा जीन जिसमें किसी वजह से अचानक ही परिवर्तन हो जाए। ताजा स्टडी बताती है कि दुनियाभर में इस समय करीब 6 करोड़ ऐसे लोग हैं, जिनके शरीर में म्यूटेंट जीन है, जिनमें से चार करोड़ से अधिक अकेले भारतीय हैं। नेचर जिनेटिक्स जर्नल में छपी इस स्टडी में कहा गया है कि इस जीन वाले लोगों में दिल का दौरा पड़ना किसी गारंटी से कम नहीं।
हैदराबाद स्थित सेल्युलर ऐंड मॉलिक्यूलर बयॉलजी सेंटर के कुमारस्वामी थंगाराज का कहना है कि यह बात हम इस विश्वास से कह सकते हैं कि अभी देश में 4 प्रतिशत लोग कभी भी अचानक दिल की बीमारी के शिकार हो सकते हैं, क्योंकि उनके शरीर में यह म्यूटेंट जीन है।
इस दिशा में अब तक किए गए अनेकों स्टडीज़ से यह बात सामने आई है कि 2010 तक दुनिया के 60 फीसदी मरीज देश में होंगे। नए स्टडीज़ से यह भी पता चला है कि भारतीयों में जिनेटिक वजहों से भी यह बीमारी बढ़ी है।
एमवाईबीपीसी-3 नामक जीन में उत्परिर्वन से इसका असल कोड ही खत्म हो जाता है, जो हार्ट मसल प्रोटीन के प्रॉडक्शन के लिए जिम्मेदार है। जीन में यह खराबी प्रोटीन के प्रॉडक्शन को अनियमित कर देती है, जो हार्ट मसल के फाइबर पैदा करने वाली सेल्स को डिस्टर्ब कर देती है।
प्रकाशन तिथि: जनवरी 20, 2009
कृपया इस सार का मूल्यांकन करें : 1 2 3 4 5

Bookmark & share this post

.