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ध्यान के सुझाव

द्वारा: pratima avasthi    
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ध्यान के सुझाव

तृतीय आँख चक्र ध्यान ज्ञान की तरफ जाने वाला एक रास्ता है । तीसरी आँख पलको के ठीक बीच में होती है जो की आँखों के बिलकुल ऊपर स्थित होती है । यह हमारी मनोचिकित्सक काबिलियत को बढाने में मदद करता है और इसी के साथ यह हमारे अतिरिक्त संवेदना को सशक्त करती है । यह नील रंग के साथ सम्बन्धित है ।

चक्र ध्यान में तीसरी आँख को खोलने के निम्न तरीके है

  • शुरू करने के लिए अपने हाथो को 60 डिग्री के कोण पर उठाये । यह पक्का कर ले की आपके हाथ बिलकुल सीधे हो जिनको की आप सिर्फ कलाई से ही मोडे ।अपनी हथेलियों को बहार की तरफ निकाले और चेहरे को ऊपर की तरफ करके रखे। एक ही आसन पर लम्बे समय तक बैठने मी आपको तकलीफ होगी । इसलिए इसससे बचने के लिए आप अपने पैरों की आलती पालती मारकर बैठ सकते हैं ।
  • अपने ध्यान को तृतीय आँख चक्र की तरफ केंद्रित करे, जो की आपकी पलको के बीच में है । आप उस हिस्से में कुछ प्रकार के दवाब को बनता हुआ महसूस कर सकते हैं ।
  • उसी जलग पर ध्यान केंद्रित करते समय, सांस लेना शुरू करे । आपको सांस अंदर और बहार 16 हिस्सों में लेना होगा मतलब की आपको अपनी सांस को 16 हिस्सों में बांटना होगा । 16 बार सांस खीचने से एक बार आप सांस का कश अंदर लेंगे और इसी तरह 16 बार सांस बहार करने से एक बार वास निकालेंगे । अगर आप अपनी सांस को 16 हिस्सों में विभाजित करने में तकलीफ महसूस कर रहे हैं तो 8 हिस्सों से चालू करे और धीरे धीरे बढाए ।
  • इस तरह से पूरे ध्यान में सांस लेते रहे । यह सोचने की कोशिश करे की शक्ति का केन्द्र आपके माथे पर है, जो हर बार आपके सांस लेने के वक़्त सचेत होता है ।
  • आपके लिए हम यह सुझाव देना चाहते हैं की आप इस ध्यान को रोजाना करे और एक ही समय पर करे और एक ही जगह पर करे क्योंकि इससे आपका शरीर उस जगह के वातावरण के प्रति अनुकूल हो जाएगा ।इस ध्यान को करना बहुत कठिन है और इसको करने के लिए आपको कठोर इच्छा शक्ति और ताकत चाहिए पड़ेगी। पर इसको नियमित रूप से करने से आपको बहुत फायदा होगा । यहाँ पर तृतीय आँख चक्र करने के कुछ फायदे हैं :
  • धीरे धीरे आपकी तीसरी आँख का चक्र खुल जाएगा और आप कुछ चीज़े ऎसी देखने लगेंगे जिनको की आपने पहले कभी भी नहीं देखा होगा ।पर ऐसा होने में थोड़ा समय लगेगा और इसको करने के लिए आपको बहुत मेहनत करनी होगी ।आपकी छटवी इंद्री बहुत बढ़ जायेगी और किसी चीज़ को बारीकी से देखने की आपकी काबिलियत भी बढ़ जायेगी ।
  • इससे एक तनाव भरे दिन के बाद आपको अपने दिमाग को राहत देने में भी मदद मिलेगी और इससे आप में फिर से शक्ति भर जायेगी ।
  • यह आपकी इच्छा शक्ति और ध्यान करने की काबिलियत भी बढ़ेगी। इन आत्मिक फायदों के अलावा इससे आपकी द्रष्टि भी बढ़ेगी साथ ही आपका शवासन तंत्र भी विकसित होगा । हालाँकि तीसरी आँख चक्र ध्यान करना बहुत कठिन है, तीसरी आँख चक्र ध्यान के कई फायदे हैं ।

प्रकाशन तिथि: 24 जनवरी, 2012   
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