Medicine मिरगी
की दवा ''
टेग्रीटोल'' घातक!
''टेग्रीटोल'' नामक दवा मिरगी की बीमारी के लिए उपयोग में ली जाती है. इसके बारे में परिक्षण पर किए गए अध्ययन में पता चला है कि यह दवा एशियाई लोगों के लिए उपयुक्त नहीं है. इस दवाई के सेवन से एशियाई मरीज़, स्टेवीन्स जानसान सिंड्रोम बीमारी के शिकार हो सकतें है. इस बीमारी में सारे शरीर पर फफोले पड़ जातें है.
अमेरिका के खाद्य एवं ड्रग प्रशासन ने पिछले वर्ष दिसंबर में यह चेतावनी ज़ारी की थी कि ''दवा की बोतल पर बॉक्स बना कर यह लिखनाआ अनिवार्य है कि हर एशियाई यह दवा लेने से पहले अपना टेस्ट करवाएं!''
...इसके बाद से अमेरिकामें ''टेग्रीटोल'' नामक दवा लेने से पहले एशियाई रोगी के लिए
एचएलएबी 1502 टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है. एशियाई लोगों में एचएलएबी 1502 नामक जीन होते है. भारत, पाकिस्तान और नेपाल के 4 प्रतिशत लोगो में यह पाए जाते है. वैसे जापान और कोरिया में 1 प्रतिशत तथा इंडोनेशिया, फिलिपाइन और ताइवान में 15 प्रतिशत लोगो में यह जीन पाए जाते है.
जो लोग एचएलएबी जीन के पॉजिटीव होते है; उनके लिए यह दवा घातक है.