विश्व युद्ध तृतीय
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प्रकाशन तिथि: अक्तूबर 31, 2007
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WORLD WAR 3
संयुक्त राष्ट्र अमरीका ने दुसरे इरानी देशो पर हमला बोलने के लिए विश्व युद्ध तृतीय नामक पद की रचना की है| इसी प्रकार का मुद्दा इराक के साथ भी किया गया था और आने वाले भविष्य में संभव है की दुसरे देशो के साथ भी अपनाया जाए| मानव समूह की इतनी विशालकाय बर्बादी का ये तरीका कतई भी सही नहीं है| आतंकवाद और अणु परीक्षण के नाम पर लाशों के ढेर लगा दिए जाते है| क्यूंकि हमारा ये मानना है की अमरीका दुनिया का श्रेष्ठ देश है और जो भी करता है या करेगा सही ही करेगा पर हमारी यही अवधारणा ही लाखो के जान ले लेती है| अभी कुछ समय पहले की बात है अमरीका ने विश्व भर के अनेक संगठनो को आतंकवादी के रूप में दर्ज किया था और ताज्जुब की बात ये थी की उसमें एक भी अमरीकी नागरिक नहीं था | अमरीका को विश्व भर में श्रेष्ठ देश कहा जाता है पर किसलिए हम सिर्फ समाचार में यूरोप और अमरीका में तुलना कर लेते और राजनैतिक मुद्दों के आधार पर अमरीका को श्रेष्ठ घोषित कर देते है पर उस वक़्त हम ये भूल जाते है की ये राजनीति ही है जो लाखो की जान लेती है और असली आतंकी तो घर पर आराम से सिनेमा देखते है| एक अमरीकी सैनिक के मरने पर उसे तो नायक, शहीद जैसे दर्जे दिए जाते है पर साथ ही साथ जो बीस इराकी मरे उनके बारे में क्या कोई सोचता भी है, नहीं क्यूंकि वो अमरीकी नहीं है|