''Mall of India''
Summary ratings: 3 stars
(xx voters)
विजिट्स:
25
शब्द:
600
प्रकाशन तिथि: मार्च 17, 2008
''मॉल ऑफ इंडिया''...का इंतज़ार है!
''मॉल ऑफ इंडिया'',याने कि कमाल ऑफ इंडिया! इस मॉल के बनते ही इंडिया में क्माल होने जा रहा है.
दिल्ली से सटकर बसे हुए गुड़गांव को साइबर सिटी से नाम से जाना जाता है. इसी सा इबर सिटी को 2010 तक एक और पहचान मिलने वाली है. यहां ''मॉल ऑफ इंडिया'' नाम से भारत का एक ऐसा मॉल बनने जा रहा है, जो अपने आप में एक अलग़ ही तरह का है. यह लगभग तीन किलोमिटर में फैला हुआ होगा; मतलब कि बहुत ही बड़ा होगा. इसमें म्युजिकल फाउंटेन, स्नो डोम, मल्टीप्लेक्स, इंटरटेनमेंट पार्क, वाटर बॉडी, फूड कोर्ट और रिटेल कंपनियों सहित तमाम खूबियां मौजूद होगी.
कॉमनवेल्थ गेम्स को ध्यान में रखतें हुए डीएलएफ ने ब्रिटिश कंपनी एलओआर के सहयोग से विश्वस्तरीय मॉल ऑफ इंडिया के निर्माण की शुरुआत भी कर दी है. यह ''डेस्टिनेशन मॉल; से मिलता जुलता मॉल बनेगा. वैसे उम्मीद तो है कि यह 2010 से पहले बनकर तैयार हो जाएगा!
इसमें अंतरराष्ट्रिय स्तर की बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध होंगी. मेट्रो रेल द्वारा यहां दिल्ली के किसि भी कोने से, आसानी से पहुंचा जा सकेगा. मॉल ऑफ इंडिया 40 लाख वर्ग फुट में 2000 करोड़ के निवेश से राष्ट्रिय राजमार्ग-8 पर निर्मित होने जा रहा है. यह भारत की शान तो होगा ही, पर कहा जा रहा है कि अन्य कई एशियाई देशों को भी पीछे छोड़ देगा.
तीन किलोमीटर की लंबाई को देखते हुए यहां लिफ्ट और एस्कलेटर्स की संख्या भी पर्याप्त मात्रा में होगी. बुजुर्गो और बच्चों का खयाल रकह्ते हुए सभी फ्लोर्स पर वॉकलेटर्स-स्वचालित पैदल सीढ़िया- भी बनाई जाएगी. यहां पहुंचने वाले लोग विभिन्न गेटों से एन्ट्री करने के साथ ही पार्किंग में वाहन ख़ड़े करने के बाद लिफ्ट और एस्कलेटर द्वारा निर्धारित स्थान तक पहुंच सकेंगे. मनोरंजन पार्क के लिए अलग़ से पार्किंग की व्यवस्था होगी.
अभी तक देश मै ऐसा कोई भी मॉल नहीं है, जहां शॉपिंग के अलावा इंटरटेनमेंट और एम्यूजमेंट पार्क एक साथ ही हो! दुबई की तरह ही ''मॉल ऑफ इंडिया'' में ''स्नो डोम'' बनाने की भी योजना है.
इस मॉल के प्रबंधन की ओर से दावा किया जा रहा है कि इस विश्वस्तरीय मॉल को बेहतर शक्ल देने के लिए देश-विदेश की अग्रणी कंपनियां और थीम की तलाश लगातार ज़ारी है.