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अंगिका.कॉम

द्वारा : ka     


निम्नलिखित भाषा से यह संक्षिप्त लेख अनूदित हुआ Angika.com
अंगिका.कॉम, अंगिका भाषा के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करता है. अंगिका.कॉम से लिया गया एक उद्धरण नीचे प्रस्तुत है.
छठे विश्व हिन्दी सम्मेलन के आयोजकों में से एक बरमिंघम स्थित ‘गीतांजली मल्टिलिंगुअल लिटरेरी सर्किल ’ द्वारा बरमिंघम, इंगलैंड में 27 से 29 अगस्त तक एक अंतर्राष्ट्रीय बहुभाषीय संगोष्ठी आयोजित हुई जिसमें ‘ग्लोबल इंटीग्रेशन ऑफ इंडियन्स’ तथा ‘नेशनल इंटीग्रेशन ऑफ इंडियन्स’ जैसे विषयों पर विभिन्न भारतीय भाषाओं के आमंत्रित विद्वानों द्वारा अपने-अपने आलेख पढे गये. भारत से इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्वानों में प्रमुख थे- काश्मीरी के श्री ओंकार एन. कौल, तमिल के श्री अशोक वेंकटरमन, तेलगु के श्री जे. बापू रेड्डी, पंजाबी और हिन्दी के श्री महीप सिंह, अंगिका के श्री कुंदन अमिताभ, मराठी और हिन्दी के श्री केशव प्रथमवीर, हिन्दी के श्री विजय कुमार मल्होत्रा और श्री दिविक रमेश, अंग्रेजी के श्री इंद्रनाथ चौधरी, श्री संजीव जोशी, श्री बी.के.बाजपेयी और श्रीमती शोभा बाजपेयी, उर्दू के श्री जावेद अरसी, बंगला के श्री शैवाल मित्रा और श्रीमती जलज चौधरी, गुजराती के श्री जगदीश दवे, सिंधी के श्री मोतीलाल जोतवानी और संस्कृत के श्री एच.वी.एस.शास्त्री. जबकि अन्य देशों से हिस्सा लेने वाले भारतीय भाषाओं के विद्वानों में प्रमुख थे- इटली के श्री श्याम मनोहर पांडेय एवं नार्वे के श्री सुरेश चन्द्र शुक्ल. इसके अलावे इंगलैंड के कई विद्वानों ने भी इसमें हिस्सा लिया.
नवी मुम्बई के खारघर में रह रहे श्री कुंदन अमिताभ को इस संगोष्ठी में अंगिका एवं अंग्रेजी में अपनी रचनायें पढ़ने के लिये विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था. किसी विदेशी भूमि पर आयोजित किसी अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में अंगिका भाषा की रचनायें पढी जाने का यह पहला मौका था. बिड़ला इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने वाले हिन्दी एवं अंगिका के लेखक श्री कुंदन अमिताभ पिछले चौबीस बर्षों से अंगिका-साहित्य सृजन में लगे हैं और फिलहाल मुम्बई के एक कंसल्टिंग कम्पनी में सीनीयर रेजीडेंट इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं. श्री अमिताभ गुगल सर्च-इंजन के हिन्दी, अंग्रेजी एवं अंगिका भाषाओं के वालंटियर अनुवादक के साथ-साथ माइक्रोसॉफ्ट कारपोरेशन के भारतीय भाषा सेल के फोरम-मेम्बर भी हैं. श्री अमिताभ के सक्रिय सहयोग से जहाँ अंगिका भाषा में गुगल-अंगिका जैसा सर्च-इंजन तैयार हो सका है वहीं अंगिका भाषा एवं अंग-संस्कृति को समर्पित अंगिका.कॉम वेब-पोर्टल भी पिछले दो बर्षों से अस्तित्व मे है.
प्रकाशन तिथि: अक्तूबर 20, 2005
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