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कला और ह्यूमेनिटज़

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Jara milaa kar humse nazar!

(2 समीक्षा)
लेखक :anaya  Review by:ambalika
aaj apana dil akela hai…. dhund raha hai koi naya dar… jo chaahe bulaalen humen.. jara milaa kar humse nazar! Read Review
प्रकाशन तिथि: मार्च 2, 2009 विजिट्स: 22 शब्द : 300

Teri Yaad: Ek kimati Gehana Gold ka....

(1 समीक्षा)
लेखक :amba  संक्षेपक:ambalika
Muft mein mili chijon ka mulya, jaanta hai khoob...yeh bhikhaari...... jisake darvaaje par prem-bhiksha Read Abstract
प्रकाशन तिथि: फरवरी 23, 2009 विजिट्स: 31 शब्द : 300

खंडहर निवासी था वो…भूत-प्रेत नहीं।

(8 समीक्षा)
लेखक :amba  Review by:ambalika
पांव जम गए अपनी जगह्… हाथ रुक गए अपनी जगह्…. आंखे बंद हो चली ही थी…. बस सांसें चल रही थी…. अब शाम कहा थी?…. बस अंधेरी रात सामने थी…. Read Review
प्रकाशन तिथि: फरवरी 19, 2009 विजिट्स: 330 शब्द : 300

हिटलर को पसंद था महान साहित्य

(4 समीक्षा)
लेखक :pratima  संक्षेपक:pratima avasthi
दुनिया का सबसे बड़ा तानाशाह और नस्लीय नरसंहार करने वाला एडोल्फ हिटलर क्लासिक साहित्य और जोक्स का दीवाना था। यह तथ्य हाल में ही प्रकाशित एक पुस्तक 'हिट Read Abstract
प्रकाशन तिथि: फरवरी 14, 2009 विजिट्स: 157 शब्द : 300

साईबाबा की दिव्यशक्ति से महातीर्थ बनी शिरडी

(11 समीक्षा)
लेखक :pratima  संक्षेपक:pratima avasthi
शिरडी के साईबाबा आज असंख्य लोगों के आराध्यदेव बन चुके है। उनकी कीर्ति दिन दोगुनी-रात चौगुनी बढ़ती जा रही है। यद्यपि बाबा के द्वारा नश्वर शरीर को त्याग Read Abstract
प्रकाशन तिथि: फरवरी 11, 2009 विजिट्स: 415 शब्द : 900

5114 ईसापूर्व 10 जनवरी को पैदा हुए थे राम

लेखक :श्री श्री रविशंकर  संक्षेपक:pratima avasthi
मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की ऐतिहासिकता को चुनौती देनेवालों को चुनौती देता एक शोध सामने आया है , जो सिद्ध करता है कि राम पौराणिक नहीं, बल्कि एक ऐतिह Read Abstract
प्रकाशन तिथि: फरवरी 11, 2009 विजिट्स: 58 शब्द : 600

सिर्फ दो दिल जरुरी...

(1 समीक्षा)
लेखक :anaya  संक्षेपक:ambalika
जब मिलना होता है जरुरी.... कडकती धूप, मिच-मिचाती आंखें... खंडहर की टूटी-फूटी दीवारें... पतझड के मौसम का सरुर.... पीपल का ठूंठ मगरुर..... Read Abstract
प्रकाशन तिथि: फरवरी 10, 2009 विजिट्स: 20 शब्द : 300

अधखिली कली को खिलाया मैने....

(2 समीक्षा)
लेखक :anaya  Summary by:ambalika
मै और पास चला गया... और चुम लिए होठ। भला हाथ मेरे कैसे रहते पीछे ऐसेमें खास? गोल गोल घुमने लगे गोलाइ Read Summary
प्रकाशन तिथि: जनवरी 14, 2009 विजिट्स: 135 शब्द : 300

जब आगजनी को हमने'-गजनी' कहा....

(1 समीक्षा)
लेखक :Anaya  संक्षेपक:ambalika
' गजनी-गंधा फुल तुम्हारे महके यूं ही जीवन में....' हम हैरान तो नहीं, पर हक्के-बक्के रह गए।.... Read Abstract
प्रकाशन तिथि: दिसम्बर 27, 2008 विजिट्स: 51 शब्द : 300

Kabhi priyatama kabhi maaninee ban jaati hai

लेखक:jayaka; ambalika  Summary by:ambalika
मचलती है,झुमती है मस्ती में, अंगडाई भी लेती है..सांसों मे समाती है नटखट, Read Summary
प्रकाशन तिथि: दिसम्बर 20, 2008 विजिट्स: 35 शब्द : 300
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इस श्रेणी में कला और ह्यूमेनिटज़ समीक्षाएं, किताबों के सारांश और लेखों के सार तत्वों और कला और ह्यूमेनिटज़ से संबंधित शैक्षिक पेपर शामिल हैं. प्रत्येक प्रस्तुति श्वूंग समुदाय के सदस्यों द्वारा बनाई जाती है. क्या आप अपना लिखना चाहते हैं? अधिक जानकारी प्राप्त करें इस बारे में कि कैसे ऑन लाइन धन कमाया जाए!