हिटलर को पसंद था महान साहित्य दुनिया का सबसे बड़ा
तानाशाह और नस्लीय नरसंहार करने वाला एडोल्फ हिटलर क्लासिक साहित्य और जोक्स का दीवाना था। यह तथ्य हाल में ही प्रकाशित एक पुस्तक 'हिटलर प्राइवेट लाइब्रेरी: द बुक्स दैट शेप्प हिज लाइफ' से सामने आया है। 'संडे टाइम्स' में इस पुस्तक के रोचक अंशों को प्रकाशित किया गया है।
इस पुस्तक के मुताबिक वह एक प्रतिबद्ध अध्येता था। उसके अतीत को खंगालने से पता लगा है कि वह किताबों का इतना शौकीन था कि रोजाना कम से कम एक किताब पढ़े बगैर मानसिक सुकून नहीं मिलता था। एक नई पुस्तक में इसका उल्लेख किया गया है।
जाने-माने इतिहासकार
टिमोथी डब्ल्यू़ रिबैक ने 'हिटलर प्राइवेट लाइब्रेरी: द बुक्स दैट शेप्प हिज लाइफ' में लिखा है कि हिटलर के पास 16 हजार पुस्तकें थीं और उसे अंग्रेजी साहित्य के महान रचनाकार
विलियम शेक्सपियर की रचनाएं काफी पसंद थीं।
टिमोथी का कहना है, "कोई घोर पुस्तक प्रेमी ही इतनी बड़ी संख्या में पुस्तकें रख सकता है। हिटलर के पास विख्यात दार्शनिकों, इतिहासकारों, कवियों, नाट्य लेखकों और उपन्यासकारों की पुस्तकों का विशाल संग्रह था।" इसमें लिखा गया है, "हिटलर प्रतिबद्घ अध्येता था। हर रात वह कम से कम एक पुस्तक जरूर पढ़ता था। कई बार तो वह एक से ज्यादा पुस्तके पढ़ डालता था।"