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Kyaa Jaanate aap..Galib Ki Photo Ka Raj?
इतिहास क्या जानते है आप... गालिब की फोटो का राज?
गालिब का एक शेर तो ऐसा है जो हर किसी के मुंह पर चढा हुआ है...''''हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पर दम निकले...''''अहाहा!..गालिब तो आज भी जिंदा है! गालिब का जिक्र उनकी हवेली,उनकी शायरी या उनकी फारसी और उर्दू भाषा को ले कर अब तक बहुत होता आया है, इस लेख में ऐसी बातों का जिक्र होगा जो बहुत कम लोग जानतें है. ...जैसे कि उनकी एक मात्र फोटो थी; जो कैमेरे से ली गई थी.बस! यही ब्लैक एण्ड व्हाइट फोटो है जिसके आधार पर कलाकरों ने उनके चित्र बनाएं है.उस समय पिन-होल कैमेरा नया नया चलन में आया था.गालिब भी उस समय अस्वस्थ तबीयत ही चल रहे थे.उन्ही दिनों अवध के नवाब वाजिद अली शाह और गालिब के मित्र बहादूर शाह ज़फर वहां उनके पास मौजूद थे.तब गालिब और उन दोनों के फोटो भी खिंचे गए थे.उसी समय गालिब की पहली और अंतिम फोटो खिंची गई थी.फोटोग्राफर था दिल्ली का रहमत अली! खेद की बात है कि रहमत अली के बारे में आज तक किसी को कुछ पता नहीं है गालिब से संबधित चाहे मुंशी नवल किशोर का छापखाना हो या फोटोग्राफर रहमत अली हो या वह दुकानदार हो, जिससे वह कलम और शाही खरीदते थे...सबका अपना महत्व है.जिस समय रहमत अली ने यह फोटो खिंची थी, उस समय भारत में कैमेरे का चलन नहीं था.ब्रिटेन में इसकी ईज़ाद हो चुकी थी और किसी व्यक्ति ने इस कैमेरे को भारत में इम्पोर्ट किया था.यह फोटॉ 27मई 1868के दिन याने कि गालिब के देहांत के 9 महीने पूर्व खिंची गई थी. उनका देहांत बादमें 15फरवरी के दिन हुआ था. वैसे इस फोटो की कई प्रतियां गालिब ने मित्रों और अपने चाहने वालों में बांट दी थी.बच गई थी सिर्फ दो प्रतिया! एक असल प्रति मौलाना आज़ाद नेशनल लाइब्रेरी( हबीब गंज कलेक्शन ऑफ खान बहादूर बशीरुद्दीन)में सुरक्षित थी.इसे गालिब के एक मित्र साहिब-ए-आलम मारहर्रवरी ने यहां भेट की थी.नजमुलहसन के कहने के मुताबीक गालिब की असल फोटॉ एक लिफाफे पर छपी हुई थी; जिसके उपर एक आने का डाक टिकट लगा हआ था और यह लिफाफाबाग पुखता के मूसा जैदी नाम के व्यक्ति के पास था. रहमत अली द्वारा लिए गए फोटो का प्रमाण उस समय के प्रसिद्ध दैनिक अकमल- उल-अखबार मे दिए गए विञापन से ञात होता है.लगभग 100वर्ष पूर्व यही फोटो लखनऊ की पत्रिका मेयार के जनवरी-फरवरी 1910के संस्करण में प्रकाशित की गई थी. गालिब के बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने की इच्छुक व्यक्तियों के लिए यह खबर चौंकाने वाली तो है ही!
प्रकाशन तिथि:
फरवरी 22, 2008
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