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"तारे जमी पर" एक एसी फ़िल्म है जिसमें बच्चो के कोमल दिल को बडी खूबी से फ़िल्माया गया है। आमीर खान कि मै आभारी हूँ ।बच्चो
के बारे मै सोचती रहती थी - सुबह ठन्ड में स्कूल जाने
वाले बच्चे,भारी स्कूल बैग उठाते बच्चे और ढेर सारे होमवर्क के साये मे पलते बचपन को देखकर सोचती थी कि सिस्टम ही ऐसा है। अमीर खान ने अपनी फ़िल्म"तारे जमी पर"इतनी बखूबी बनाई है कि समस्या के समाधान की दिशा मे आशा की किरण दिखाई देने लगी है। फ़िल्म देखकर स्कूल के पढाने के ढ्ग मे निश्चित रुप से परिवर्तन होगा।
हर बच्चे को सर्वान्गीण विकास का अवसर मिलेगा।स्कूल शिक्षकों के लिये यह फ़िल्म टैक्स फ़्री होनी चाहिये।
प्रकाशन तिथि:
जनवरी 31, 2008