Animation aur Kalpana kI Udan!
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प्रकाशन तिथि: जनवरी 27, 2008
कला एनीमेशन और कल्पना की उड़ान! एनीमेशन ने आज़ तहलका मचाया हुआ है. मनुष्य की कल्पनाओं को साकार करनेका मानों एनीमेशन ने जिम्मा उठाया हुआ है.क्या बच्चे और क्या बड़े...सभी एनीमेशन के दीवाने है. क्या फिल्में और क्या विञापन...सब एनीमेशन के रंग में रंगे हुए प्रतीत हो रहे है. ... एनीमेशन की शुरुआत हॉलीवुड से हुई है ; याने कि हॉलीवुड ही इसका ज्न्मस्थान है. वाल्ट डिजनी ने युनिवर्सल पिक्चर्स के लिए 1926-28 ई.में 'ओसवाल्ड रेविट' नामक फिल्म बनाई थी...जो कार्टूनों की एक श्रृंखला थी.यह लोगो ने बहुत पसंद की ही.इसके बाद बनी 'मिकी माउस' नामक एनीमेशन फिल्म ने और ही ज्यादा धूम मचाई.इस फिल्म ने वाल्ट डिजनी को लोकपियता के शिखर पर तो पहुंचा ही दिया...और तो और 1932 ई.में ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित भी करवा दिया. कहा जाता है कि 'मिकी माउस' के निर्माण में जर्मनी के तानाशाह हिटलर ने पैसा लगाया था. एनीमेशन के विकास में हॉलीवुड का सबसे बडा योगदान है. लीफ्रॉकबैरी ने 1937 ई. में 'फ़ैंटम' नामक एनीमेशन कैरेक्टर की रचना की थी, जो पूरी दुनिया में अत्यंत लोकप्रिय हुआ था. भारत के चहिते नेता, संजय गांधी भी 'फैंटम' के बडे प्रशंसक थे. ...'टॉम एंड जेरी' की लोकप्रियता किससे छिपी हुई है? अब एनीमेशन का तीसरे चरण का दौर चल रहा है.इसमें औद्योगिक उत्पादन, इंटरनेट, गेम इत्यादि का समावेश है.अब 'हनुमान' और 'गणेशा' को एनीमेशन फिल्म के जरिए हम सब देख ही रहे है. यह टी.वी और फिल्मों की दुनिया की बहुत बड़ी क्रांति ही मानी जाएगी.
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