हास्य-व्यंग्य उसने
दीपिका को ऐसे पहचाना!
दिल्ली के एक मॉल में मै शॉपिंग कर रही थी. मुझे एक
मोबाईल फोन खरीदना था.मै उस काउंटर पर गई और मोबाईल देखने लगी.मेरे साथ ही एक युवक खडा था और उसकी दूसरी तरफ एक युवती खड़ी थी... वे दोनों भी मोबाईल ही खरीद रहे थे.
...मुझे पता चल ही गया कि दोनों अलग़ अलग़ है....मतलब कि एकसाथ नहीं है और एक दूसरे को जानते भी नहीं है.खैर! मुझे उनसे क्या मतलब था?
युवती को कोई मोबाईल पसंद नहीं आया और अब वह दूसरे काउंटर पर चली गई.अब मेरी और उस युवक की तरफ उसकी खुली और मन-मोहक पीठ थी....
" अरे
दीपिका... दीपिका पादूकोण है यह!" मेरे साथ खडा युवक चिल्लाया. उसके चिल्लाते ही आसपास के लोगों ने दीपिका को घेर लिया.मॉल के गार्ड भी आ पहुंचे और दीपिका को भीड़ से बचाकर एक तरफ ले गए.
" अजी साहब! जब यह दीपिका आपके साथ खड़ी होकर मोबाईल देख रही थी...तब तो आपने उसे नहीं पहचाना; जब वह आपकी तरफ पीठ किए खड़ी थी...तब आपने उसे पहचाना! यह कैसे?" मैने उस युवक से पूछा.
" वो तो ये है कि...जब भी मैने उसकी फोटो देखी...हंमेशा खुली पीठ की तरफ ही मेरा ध्यान गया था..अब भी मैने जब उसकी खुली पीठ देखी तो तुरन्त पहचान गया कि यही दीपिका है." उस युवक ने खुलासा किया और मैने दांतों तले उंगली दबा ली!