dostI..film aur filmvalon kI!
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300
प्रकाशन तिथि: नवम्बर 16, 2007
दोस्ती..फिल्म और फिल्मवालों की!
मनुष्य के दिल में कहीं न कहीं ऐसा कोना खाली होता है...जो सिर्फ दोस्त के लिए ही होता है.जब दोस्त इस जगह पर विराज-मान हो जाता है,तब जीवन खुशियों के फूलों से महक उठता है. यह कोना-कोर्नर-विशाल होता है.यहा एक साथ कई दोस्त जीवनभर के लिए बस जाते है.
''दोस्ती'' विषय को ले कर अनेक फिल्में बनी है और सफल भी हुई है.ऐसी फिल्मों की सूची लंबी है. दोस्ती, दोस्ताना, कुर्बानी, खुदगर्ज,संगम वगैरा इस सूची की प्रमुख फिल्में है.
ऐसी फिल्में बनाने वाले फिल्मकारों में से भी कई अच्छे दोस्त साबित हुए है. राज कपूर और देव आनंद अच्छे दोस्त थे,दिलीप कुमार और मुकरी अच्छे दोस्त थे और गुरुदत्त और जॉनी वॉकर भी अच्छे दोस्त थे. अब संगितकार जोडियों की तरफ नजर करें तो... शंकर-जयकिशन और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल दोस्ती की अच्छी मिसाल कायम करते है.
दोस्ती के संदर्भ में अनेक गाने फिल्माए गए है. पुराने होते हुए भी आज भी यह गाने सदा-बहार है....जैसे कि ''आज मेरे यार की शादी है'' गाना लगभग हर शादी का सरताज गाना है.''दोस्त दोस्त ना रहा'' गाना दिल में वाकई दर्द जगाता है.शोले फिल्म का गना ''ये दोस्ती..हम नही तोडेंगे'' आज भी दोस्तों के दिल की आवाज़ बना हुआ है.