DTP
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प्रकाशन तिथि: मार्च 15, 2006
डीटीपी और आपका भविष्य
देश की जनसंख्या मे हो रही बेतहाशा वृद्धि और उसके फलस्वरूप दिन प्रतिदिन नौकरी की घटती संभावनाओं के चलते आज अधिकांश लोग अपने कैरियर के लिए स्वरोजगार को प्राथमिकता देने लगे हैं। ऐसे में यदि उन्हें किसी क्षेत्र में कम निवेश में अधिक धन कमाने की संभावनाएं दिखें तो निश्चित रूप से उनके लिए अपने आप को इस क्षेत्र में स्थापित करना ही सबसे प्रमुख लक्ष्य बन जाएगा। डीटीपी व्यवसाय एक ऐसा ही क्षेत्र है, जहां कार्य बहुत अधिक है और खर्चा उसके मुकाबले काफी कम है। बस जरूरत है तो डीटीपी से जुड़े कुछ विशेष गुर सिखने की और उन पर लगातार अभ्यास करने की।
डीटीपी यानी डैस्क टाप पब्लिशिंन। इसके अंतर्गत सामान्य टैक्स कंपोजिंग के साथ-साथ थीसिस व बुक कंपोजिंग, ले आउट डिजाइनिंग, स्कैलिंग इमेज सेटिंग व कलर प्रिंटिंग आदि कार्य आते हैं। आज से कुछ समय पहले तक कार्ड्स डिजाइनिंग आदि कार्य मैनुअल टाइपसेटर के माघ्यम से किया जाता था, जिससे कुछ भी प्रिंट करने पहले बड़े-बड़े ब्लाक बनाने पड़ते थे। कुल मिलाकर ये सभी काम बड़े स्तर पर किए जाते थे, जिसकी वजह से कंपोजिंग प्रिंटिंग स्याही और मशीनों की ओबरहालिंग को मिलाकर काफी अधिक खर्चा आता था, मगर अब कम्यूटर के आगमन से यह समस्त कार्य एक ही टेबल पर सिमट कर रह गया है। इसके अलावा प्रिंटिंग कालिटी भी बढि़या हुई और प्रिंटिंग में लगने वाले समय की भी बचत संभव हो गई।
डीटीपी व्यवसाय शुरू करने से पहले जरूरी है कि आपको कम्यूटर की आधारभूत और डीटीपी की पूरी जानकारी हो। साथ ही आपको कुछ साफ्टवेयरों पर कार्य करने का अनुभव भी होना चाहिए। चूंकि इस व्यवसाय में डिजाइनिंग भी शामिल हो चुकी है, अत: यदि व्यवसाय का डिजाइनिंग में हाथ साफ हो, तो बेहतर रहता है। इसके लिए आप किसी वर्तमान डीटीपी व्यवसाय के यहां कार्य करके अनुभव हासिल कर सकते हैं।
साफ्टवेयर, विशेषकर एडोबी पेजमेकर, कोरेल ड्रा, फोटोशाप आदि पूर्णत: डिजानिंग से जुड़े हुए हैं, अत: इनमें पारंगत होने के लिए आपको अथाह अभ्यास करना ही पड़ेगा। वैसे जरूरी नहीं है कि डीटीपी व्यवसाय शुरू करने के लिए बाहर से प्रशिक्षण लेने या किसी प्रकाशन संस्थान में नौकरी करने की आवश्यकता है। आप यदि चाहें तो घर पर सिस्टम खरीदकर अभ्यास के जरिए डीटीपी की विभिन्न कलाओं में दक्ष हो सकते हैं। आज अधिकांश लोग बाहर से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है और इसके दम पर अपना व्यवसाय चला रहे है। घर में कम्यूटर सिस्टम स्थापित करने के लिए आपको पीसी (लागत लगभग 30 हजार) एक लेजर प्रिंटर (लागत 20 हजार) और एक हैंडहेल्ड स्कैनर (लागत 3000) खरीदने की जरूरत पड़ेगी। वैसे दो प्रिंटर ( एक लेजर और एक इंकजे़ट) खरीदना चाहते हैं तो इसके लिए लेजर प्रिंटर ही उपयुक्त है, क्योंकि अन्य प्रिंटरों की तुलना में लेजर से प्रिंटिग कालिटी उत्तम आती है तथा कुछ कार्य ऐसे भी होते हैं, जिसमें आपको लेजर प्रिंटर की ही जरूरत पड़ती है। कुल मिलाकर इस मशीनरी में आपका निवेश लगभग 55 हजार में सिमट जाना चाहिए। वैसे यदि आपका बजट थोड़ा बड़ा है तो आप उच्च क्षमता वाले कम्यूटर भी ले सकते हैं। उच्च क्षमता वाले कम्यूटर लेने का फायदा यह होता है कि इसे जल्दी से अपग्रेड करवाने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके अतिरिक्त आपको थोड़ा निवेश फर्नीचर पर भी करना पड़ सकता है जैसे कि कम्यूटर टेबल, सीडी रैक तथा अन्य सहायक सामग्री रखने के लिए फर्नीचर। साथ ही आपको विभिन्न साफ्टवेयर भी खरीदने होंगे। कुल मिलाकर देखा जाए तो यह व्यवसाय अन्य किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से ज्यादा सहज, सुलभ और सस्ता है। मगर इस व्यवसाय के साथ सबसे मुश्किल और चुनौती भरी बात जुड़ी हुई है वह है कार्य प्राप्त करना।
निश्चित रूप से बाजार में अपनी साख बनाना एक बहुत मुश्किल काम है। जाहिर है आपको बाजार में लगातार घूमते हुए सबसे पहले खुद का और अपने व्यवसाय का परिचय देना होगा। अत: इस प्रक्रिया में यदि आपके कई महीने भी लग जाएं तो निराश मत होइए, क्योंकि यह ध्यान रखिए कि इस व्यवसाय में काम तो बहुत है, मगर कहां है, किसके पास है और कैसे प्राप्त किया जा सकता है, यह पता लगाना बहुत मुश्किल है। अत: यहां आपके लिए संयम बरतना बहुत जरूरी है। इसके अलावा आपके लिए इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि कांटिटी के लिए कभी भी काटिटी के साथ समझौता मत कीजिए। शुरूआत छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स के साथ कीजिए। आपका ग्राहक केवल आपके कार्य की गुणवत्ता से ही प्रभावित हो सकता है और यदि ग्राहक आपके काम से संतुष्ट होगा तो निश्चित रूप से अपने अन्य साथियों को भी आपके पास काम करवाने के लिए भेजेगा।
यदि आप अपना डीटीपी व्यवसाय बाजार में दुकान लेकर शुरू करते हैं तो शायद आपको संपर्क बनाने के लिए जगह-जगह दुकानों की ज्यादा आवश्यकता न पड़े मगर यदि आपने संपर्क बनाने में थोड़े ज्यादा प्रयास करने पड़ेगे।