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कार पार्क करें, मिलेंगे पैसे

द्वारा : pratima avasthi    

लेखक : यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन

  कार पार्क करें, मिलेंगे पैसे

आप अपनी कार कहीं खड़ी करें और जेब से पैसे चुकाने के बजाए पार्किंग वाला ही आपको फीस दे तो कैसा रहेगा। भले ही इस बात पर यकीन न हो, लेकिन आने वाले दिनों में इलेक्ट्रिकल कारों की पार्किंग के बदले पैसे मिलना हकीकत होगी।
इलेक्ट्रिकल कार के मालिक को मिलने वाली फीस उस रकम से कहीं ज्यादा होगी, जो आम तौर वह पार्किंग फीस और ट्रैफिक नियम तोड़ने पर फाइन के रूप में चुका देता है। कार जब तक पार्किंग में खड़ी रहेगी, उससे बिजली बनाई जाएगी। इसका इस्तेमाल दूसरी जरूरतों के लिए होगा।
यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के रिसर्चर एक ऐसे ही प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि 5-10 साल में ऐसा मुमकिन होगा। यूनिवर्सिटी के जेफ स्टेन के मुताबिक, इस कॉन्सेप्ट को वीइकल टू ग्रिड (वी२जी) का नाम दिया गया है। इस पर काम करने वालों का मानना है कि कोई कार आम तौर पर 90 फीसदी वक्त में इस्तेमाल नहीं की जाती। जब कार खड़ी हो तो उसका इस्तेमाल करके बिजली बनाई जा सकती है। कार जब खड़ी रहेगी तो उसे इलेक्ट्रिक सॉकिट से कनेक्ट किया जाएगा। ऐसे में कार की बैट्री चार्ज होगी और कार की जरूरत से ज्यादा बनने वाली बिजली ग्रिड के जरिए दूसरी जगह पर इस्तेमाल की जाएगी। स्टेन की टीम को इस प्रोजेक्ट के लिए नैशनल साइंस फाउंडेशन से 20 लाख डॉलर का ग्रांट मिला है, तकि वे प्लग-इन हाइब्रिड इलेक्ट्रिकल वीइकल (पीएचईवी) में इसकी संभावना तलाश सकें।
स्टेन का कहना है कि इस विचार पर सही तरीके से अमल किया जाए तो कंपनियों को ग्रिड के लिए एक साथ लाखों बैट्रियां उपलब्ध हो सकती हैं। बिजली सप्लाई में कमी के वक्त छोटी बैट्रियों का विशाल नेटवर्क काफी कारगर साबित होगा। सभी इलेक्ट्रिकल वीइकल्स को एक साथ खड़ा नहीं किया जा सकता। इसलिए स्टडी की जा रही है कि एक साथ कितनी ऐसी गाडि़यों को खड़ा किया जाए, ताकि पर्याप्त मात्रा में बिजल मिल सके। इस टेक्नॉलजी से कार की बैट्री की लाइफ पर क्या असर पड़ेगा, इसकी जांच भी की जा रही है। इलेक्ट्रिक वीइकल बनाने वाली कैलिफॉनिर्या की कंपनी एसी प्रपल्शन के सीईओ टॉम गेज का कहना है कि बिजली की खपत का दायरा काफी बड़ा है। ऐसे में अलग- अलग जगहों पर इस तरीके से बिजली बनाई जाए तो उसके डिस्ट्रिब्यूशन में भी आसानी होगी।


प्रकाशन तिथि: नवम्बर 22, 2008
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