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श्वूंग होम>विज्ञान >वास्‍तुविद्या>वास्तु का असर पड़ता है यौन संबंधों पर?

वास्तु का असर पड़ता है यौन संबंधों पर?

द्वारा: ambalika     लेखक: आनंद जोहरी; nbt
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वास्तु का असर पड़ता है यौन संबंधों पर?

कुछ सवाल ऐसे होते है...जो खुल कर पूछने से लोग बाग कतराते है...लेकिन जीवन से जुडे होने के कारण इन सवालोँ का सामने आना और इन पर खुल कर विचार-विमर्श होना बहुत जरुरी है!...ज्योतिष और वास्तुशास्त्र यौन सबँधित सभी धट्नाओँ और समस्याओँ पर पर्याप्त चर्चा करने के लिए प्रसिद्ध है...तो यहाँ पाठकों के ज्योतिष और वास्तु संबंधी सवालों के जवाब दे रहे हैं ज्योतिषी आनंद जोहरी

पहला प्रश्न : मैं जब से नए घर में शिफ्ट हुआ हूं , मेरी कामेच्छा बहुत ही कम हो गई है और मैं बहुत कमजोर महसूस करने लगा हूं। क्या वास्तु से इसका कोई रिश्ता है ?
राजीव मूलचंदानी , पाली हिल , मुंबई

उत्तर आनँद जोहरी की तरफ से : घर के नक्शे के बारे मेँ बताते हुए कहते है..... जी हां ! वास्तु से इसका सीधा नाता
है।
घर का दक्षिण पूर्व कोना यानी आग्नेय कोण सिर्फ बाह्य अग्नि ही नहीं बल्कि आंतरिक अग्नि और काम अग्नि को भी प्रभावित करता है। दक्षिण पूर्व का जरूरत से ज्यादा नीचा होना या वहां कोई गड्ढा होना या वहां की दीवार में नमी होना या जल तत्व की मौजूदगी कामाग्नि को कम या नष्ट करके नपुंसकता को आमंत्रण देती है। इसी प्रकार घर का उत्तर पश्चिम कोना यानी वायव्य कोण हमारी इच्छा एवं आकांक्षा को प्रभावित करता है। यदि वायव्य दूषित हो तो यौन संबंधों की इच्छा हमारे अंदर कम होने लगती है और बगैर कामेच्छा के यौन जीवन बिखर जाता है। इन दोनों कोणों के दोषों की पड़ताल करके यदि दूर कर दिया जाए , तो आपका यौन जीवन फिर से परवान चढ़ने लगेगा , आनंदमय हो जाएगा।

दूसरा प्रश्न : बहुत संघर्ष कर रहा हूं। कोई चमत्कारिक उपाय बताइये जिससे स्थिति तत्काल बदल जाए।
अभय कुमार , हिसार

उत्तर : मीठी जुबान को परिलक्षित कर के ज्योतिषी कहते है....' अपनी क्षमता और भाग्य का उचित मूल्यांकन करके मीठी जुबान संदेह विहीन सकारात्मक विचारों के साथ किए गए सटीक कर्म ही चमत्कारिक परिणाम प्रदान करते हैं। बुजुर्गों का आशीर्वाद और कमजोरों की दुआएं तथा शुभकामनाएं भी भाग्य वृद्धि में मदद करती है। परनिंदा , आलोचना , कटुवचन , नकारात्मक विचार अच्छे भाग्य को भी नष्ट कर सकते हैं।'

कुछ टिप्स जो दर्पण सँबँधि है तथा उपयोगी और फलदायक है....

- उत्तर पूर्व दिशा में दर्पण शुभ फल प्रदान करता है।
- दक्षिण , दक्षिण पश्चिम में दर्पण मान प्रतिष्ठा , सामाजिक स्थिति व हैसियत पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।
- दक्षिण पूर्व में दर्पण यौन संबंधों को प्रभावित कर आर्थिक अस्थिरता को जन्म दे सकता है।
- टूटे फूटे , दाग धब्बे वाले या खराब दर्पण मान प्रतिष्ठा और धन निगल भी सकता है।

आप ज्योतिष , अंकज्योतिष तथा वास्तु संबंधी सवाल पूछने के लिए आनंद जोहरी को इस अड्रेस पर ईमेल कर सकते है...
anandjohri@gmail.com
प्रकाशन तिथि: 25 अगस्त, 2011   
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