Hepatitis C
Summary rating: 3 stars
2 समीक्षा
विजिट्स:
719
शब्द:
600
प्रकाशन तिथि: जुलाई 29, 2006
हेपेटाइटिस सी
हेपेटाइटिस सी रक्त से संचरित होने
वाला विषाणु है, जो आपके लिवर को नुक़सान पहुँचा सकता है। आपका लिवर
आपके शरीर के सबसे बड़े और
सर्वाधिक
महत्वपूर्ण
अंगों में से एक है। यह अनेक
काम करता है, जैसे विटामिन और खनिज
संग्रह करना, भोजन तोड़ना, प्रोटीन बनाना
और रसायन तोड़ना।
यदि आपको
हेपेटाइटिस सी है, तो विषाणु
आपके रक्त से आपके लिवर
में चला जाता है, जहाँ यह आपकी लिवर
कोशिकाओं
के द्वारा फैल सकता है। आपके शरीर की प्रतिरोधी क्षमता आपकी
प्रभावित
लिवर कोशिकाओं पर आक्रमण करती
है, जिससे आपके
लिवर में जलन होती है
और उसे नुक़सान होता है। अनेक सालों
में यह नुक़सान धीरे-धीरे
काफ़ी ज़्यादा हो सकता है। हेपेटाइटिस सी
विषाणु की शुरू में ही
पहचान होना ज़रूरी है, जिससे कि नुक़सान को कम
किया जा सके।
आप हेपेटाइटिस सी से
अनेक तरह से प्रभावित हो
सकते हैं। अधिकतर लोग किसी प्रभावित व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध से या रक्त संपर्क से, ख़राब ढंग से विसंक्रमित किए गए उपकरण के प्रयोग से या दूषित
प्रसाधन की चीज़ों को बाँटने से, विषाणु से प्रभावित होते हैं।
कुछ लोग
प्रभावित
होने के 6 महीनों
के भीतर विषाणु से मुक्त
हो जाते हैं। दुर्भाग्यवश, अधिकतर लोग विषाणु
से मुक्त नहीं हो
पाते और जीवन भर हेपेटाइटिस सी से प्रभावित रहते हैं।
हेपेटाइटिस सी को आम तौर से ‘शांत रोग’ के रूप में जाना जाता है, क्योंकि यह
शुरू में लक्षण नहीं दिखाता। इसके
बावजूद, आपके लिवर को नुक़सान होता रहता है। यदि आपको पुराना हेपेटाइटिस सी हो, तो आपका डॉक्टर
आपको वे लक्षण बता सकता है, जिनका आपको अनुभव हो सकता है।
आपका डॉक्टर आपके विषाणु
से प्रभावित होने के तरीके
का निरीक्षण करेगा। यदि आप विषाणु से
मुक्त नहीं हो पाते, तो आपका डॉक्टर आपके
साथ इलाज के बारे
में बात करेगा, जिससे कि आप निर्णय ले सकें कि यह आपके लिए उपयुक्त होगा या नहीं। इसमें आपके लिवर के
कुछ परीक्षण किए जाएँगे।
पुराने हेपेटाइटिस सी के इलाज के लिए दो
तरह की दवाइयों का प्रयोग किया जाता हैः इंटरफ़ेरोन
और रिबाविरिन।
इंटरफ़ेरोन विषाणुओं के प्रभाव से लड़ने के लिए शरीर द्वारा पैदा किया जाने वाला प्रोटीन है। दवा के रूप में
इंटरफ़ेरोन
शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा को
बढ़ाता है। इसे त्वचा के नीचे
इंजेक्शन
से दिया जाता है।
रिबाविरिन के साथ इंटरफ़ेरोन को
जोड़ने से कुछ लोगों में अधिक प्रभाव दिखाई दिया है। रिबाविरिन टिकिया या कैप्सूल हे, जो दिन में दो बार मुँह से लिया जाता है। यह इंटरफ़ेरोन के प्रभाव को और
विषाणु से मुक्त होने की संभावना को बढ़ाता है। लेकिन रिबाविरिन से इलाज खुद-ब-खुद विषाणु से मुक्त
नहीं कर सकता।
पुराने हेपेटाइटिस सी के इलाज से बचाव संभव है और यह आपके लिवर का और नुक़सान होने से
रोकता है। आपको अपनी दवा 12 महीनों तक लेनी होगी।
इलाज सबके लिए उपयुक्त नहीं भी हो
सकता। यदि आपका डॉक्टर कहता है कि अभी आपका इलाज नहीं हो सकता, तो भी आप भविष्य में इलाज करवा सकते हैं। यदि अभी इलाज आपके लिए उपयुक्त न हो, तो आपको अपना समग्र स्वास्थ्य सुधार कर और सिगरेट और अल्कोहल से बचकर, अपने लिवर को और अधिक नुक़सान से बचाने की कोशिश करनी चाहिए।
आपकी ज़्यादातर दैनिक गतिविधियों
से हेपेटाइटिस सी नहीं फैलता। हेपेटाइटिस सी विषाणु को किसी और तक पहुँचाने का
मुख्य तरीका रक्त संपर्क है। आपका डॉक्टर आपको दूसरे लोगों को दूषण से बचाने के
बारे में अधिक परामर्श दे सकता है।