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Earthquake Sounds

Summary rating: 5 stars 7 समीक्षा
लेखक : Ashutosh
संक्षेपक : Misbahul Haque
विजिट्स : 999  शब्द: 300   प्रकाशन तिथि: अक्तूबर 13, 2005
निम्नलिखित भाषा से यह संक्षिप्त लेख अनूदित हुआ Earthquake Sounds
आज, 8वीं अक्तूबर 2005, 9.24 बजे सुबह को, जैसा कि मैं शांतिपूर्वक सोया था, बिस्तर धीरे धीरे हिलने लगा। मेरा दायां घुटना, मूड़ा और उठा, और आगे पीछे करने लगा। सोये सोये मैने सोचा कि मेरा दिल बहुत तेज धड़क रहा था और बिस्तर इसके धड़कने से चल रहा था। परंतु, एक अजूबा चीख और निरंतर घिसाई की आवाज मेरी हल्की नींद से मुझे बाहर लाया। मेरी भवन के हर व्यक्ति खुले में नीचे भीड़ लगाये थे। जैसे ही उनलोगों मेरे अपार्टमेंट से बाहर आने के लिए मुझे कहकर पुकारने लगे तो मैं जागा। एक ख्याल बिस्तर पर वापस जाने का था और जो कुछ हो रहा है उसे होने दें। दूसरी सोच थोड़ी स्वस्थचित्त थी और मुझे बाहर आने को कहा। मैंने तेजी से कपड़े पहने और अपार्टमेंट का दरवाजा बन्द करके अपने पीछे बाहर गया। मेरे सभी पड़ोसी पार्किंग में जमा हो गए थे बहुतों अपने रात की पोशाक, नहाने का तौलिया इत्यादी पहने हुए थे। वे दिल्चस्प समूह बनाये हुए थे। घिसाई की आवाज अभी भी सुनाई दे रही थी। इस आवाज के लगभग समीप कुछ लोगों से मेंने पूछा और वह लोग आश्चर्य कर रहे थे कि मैं जैसी आवाज को सुन रहा था उसे वह लोग नहीं सुन सके। आखरी बार मैंने 1980 में भूकम्प की आवाजों को सुना था जब मैं एक बच्चा था। वह आवाज डिग-डिग-डिग एक घड़ी की आवाज की तरह थी। मेरी मां देखने के लिए भीर लगा दी शायद वहां दीवार घड़ी में कोई खराबी है, लेकिन तभी पृथ्वी धीरे धीरे हिलने लगा और हम लोग सभी बाहर निकल गए। या तो मैने तेज ध्वनी की क्षमता विकसित की थी अथवा पिछले जीवन में मैं कुत्ता था। आज के भूकम्प की यह आवाज अपने पड़ोसी में सिर्फ मेरे द्वारा सुनी गई थी। अदभुत परंतु सत्य।

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Earthquake Sounds  द्वारा  Ashutosh  Md. Misbahul Haque  2005 
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