विदेश में पढाई करने जा रहे है?
आज कल अमेरिका,ऑस्ट्रेलियां,ब्रिटन,रशिया... वगैरे जगहों पर यूनिवर्सिटीज में एडमिशन लेकर
विदेश जाने
वाले छात्रों की भरमार है.हर कोई यह समझ रहा है कि एक बार बाहर से डिग्री ले कर यहां आने के बाद... मोटी तन्ख्वाह्व वाली नौकरी मिलनी ही मिलनी है. अरे! यहां नहीं भी मिले तो क्या? विदेश में बस जाने में क्या खराबी है?
पर यहां से पढाई करने जाने वाले सभी विद्यार्थियों के ऐसे सपने साकार नहीं होते.इसका कारण फ्रोड युनिवर्सिटियों का चयन भी हो सकता है.ऐसी युनिवर्सिटियों की डिग्रीयां किसी भी देश में मान्य नहीं होती, इन डिग्रीयों के बूते पर कहीं भी नौकरीयां नहीं मिला करती. इन डिग्रीयों को हासिल करने के लिए खर्च किए गए पैसे-मनी-वेस्ट में ही चले जाते है.समय की बर्बादी अलग़से हो जाती है.
अतः विदेशो की युनिवर्सिटीयों के बारे में पहले ही जांच्-पडताल करवा लें.यह काम विदेश में रहने वाले किसी दोस्त या रिश्तेदार... अथवा तो विदेशी युनिवर्सिटियों की जानकारी देने वाली संस्थाओ के द्वारा करवाया जा सकता है.