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Ek abhinetri ki kahaani....

द्वारा : ambalika    

लेखक : anaya
एक अभिनेत्री की कहानी....
एक अभिनेत्री की कहानी... साक्षी रॉय!...एक अभिनेत्री है. इसका असली नाम तो है...सीता पंजाबी,
पर फिल्मी चौखट में फिट बैठाने के लिए इसे यह नाम इनाम-स्वरुप ही तो मिला है. 
यह अपनी मुंबई रहने वाली बुआ के घर छुट्टियां मनाने गई थी. तब इसने बारहवी के पेपर दिए ही थे और रिज़ल्ट का इंतज़ार था! दिन भर धमा-चौकडी करनी,चौपटी पर टहलना और फिल्में देखने के अलावा यहां मुंबई में इसे कोई दूसरा काम नहीं था.बुआ का बेटा मोहन; जो सीता से चार साल बड़ा था. हमेंशा सीता के उनफ़ते अंगों को घुरता रहता था. यह लडका आवारा गर्द था और फिल्मों का भी बडा ही शौकीन था. इसकी अब सीता के साथ पटने लगी थी. एक दिन वही हो गया जो दो जवां दिलों के बीच होता है.
 इस बात की भनक सीता की बुआ को भी लग गई और उसने सीता को वापस पंजाब, होशियारपूर भिजवाने का फैसला कर लिया...पर इससे पहले ही सीता और मोहन घर से भाग गए....हाहाकार मच गया. 
...दो साल तक दोनों इकठ्ठे रहे.मोहन और सीता को जैसे तैसे फिल्मों में एक्स्ट्रा के रोल मिलते रहे और उनकी रोजी-रोजी चलती रही...एक दिन सीता की किस्मत खुल गई और फिल्म में हीरोइन का रोल मिल गया..पीछे पीछे पैसा भी आ गया. अब उसने मोहन को छोड दिया और एक फिल्म डायरेक्टर के साथ हो ली.
वहां तीन साल गुज़ारने के बाद एक हीरो से इश्क का चक्कर चल गया. अब तक वह होशियारपूर से अपनी टीचर मम्मी को मुंबई बुला चुकी थी. 
 मोहन अब भी एक्स्ट्रा के रोल ही कर रहा था.हां!अब वह अपने घर सुबह के भूले के माफिक लौट आया था. 
...फिर एक ऐसा मोड आया कि सीता उर्फे साक्षी रॉय की शादी एक बहुत ही प्रसिद्ध हीरो से हो गई और अब उसकी किस्मत से कई जवान लडकियों और हीरोइनों को जलन हो रही है.
..यही कहानी साक्षी रॉय की है.अब वह अपना 'सीता' नाम भूल चूकी है. .. काश कि साक्षी के जीवन में अब ठहराव आए और वह अपने पति के साथ जीवन-सफर तय करें! 
प्रकाशन तिथि: मार्च 17, 2009
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