.
नेता लोग लेते क्या है और देते क्या है.....
नेता लोग लेते क्या है और देते क्या है.....
..............चुनाव आते है और नेता मुंह उठाएं वॉट मांगने चले आते
है।....तब गुस्सा आता है।...लगता है कि इन्हें कच्चा चबा जाएं ; इनको हंसते हुए देख कर लगता है कि इनके दांत तोड दिए जाएं, फिर नकली ही क्यों ना हो।.... इन लोगों को दरवाजे पर खडे भी ना होने दिया जाएं, वॉट की भिख मांगने चले आते है... एक भिखारी कि हैसियत भी इन लोगों से ऐसे में ज्यादा लगती है।....क्यों कि भिखारी न तो इज्जतदार होने का दावा करतें है और ना तो सुनहरे सपनों के सब्जबाग दिखाकर हमसे झूठे वायदे करतें है।.... ठीक है, भगवान का वास्ता भले ही देते हो, लेकिन यह तो समझने वाली बात है कि भगवान के भरोसे नहीं रहा जा सकता।
...............तो नेता लोग हमसे चाहते क्या है?... वो तो हमसे बहुत कुछ चाहते है।...कुछ नहीं तो उनकी सात पीढियां लक्ष्मीमाता की छ्त्र छाया में चैन की सांस लेती रहे और वे अपनी मान्-मानी करते हुए रंगरेलियां मनाते रहे।....नेता लोग हमसे यही चाहते है और पाते भी है।.... ९०% नेता लोगों को मैने तो ऐसा ही पाया है।
...........मुंबई में आतंकवादी हमले के दर्मियान क्या हुआ?... नेता लोगो ने बस अपनी सुरक्षा बढा लेने के अलावा क्या किया?... अब आतंकवादिओं को ढूंढने में लगे होने का दावा कर रहे है।....देखते है...हम भी यहां है और वे भी यहां है।... किस किस नेता का नाम लें?... यह ब्लॉग नाम लिखने लिखने में ही बहुत छोटा पड जाएगा।... नेताओ की पार्टिओ के नाम भी इतने सारे है कि हमारी याददास्त पर दबाव आ रहा है।
.............पाकिस्तान से आतंकवाद की कडियां जुडी हुई होने का अंदेशा...मुंबई के बम-ब्लास्ट से पहले भी था।... तब कुछ किया नहीं हमारी सरकार ने तो अब उनसे कितने % की आशा की जा सकती है?.... चलिए... वो वॉट मांगने आते रहेंगे और हम दांत-होठ पिसते हुए देते रहेंगे।
प्रकाशन तिथि:
फरवरी 23, 2009
ambalika के द्वारा और अधिक संक्षेपण
More