श्वूंग होम > पुस्तक > व्यंग्य > हाथी के दाँत खाने के और

.

हाथी के दाँत खाने के और

Summary rating: 3 stars 2 समीक्षा
Review by : vivekranjan
विजिट्स: 55
शब्द: 900
प्रकाशन तिथि: फरवरी 14, 2008
हाथी के दाँत खाने के और दिखाने के और
 विवेक रंजन श्रीवास्तव
email vivek1959@yahoo.co.in
visit my web page http//www.vikasprakashan.blogspot.com

 
आज जब मैं अखबार पढ़ रहा था तो मुझे लगा कि जीव विज्ञान के शाश्वत सिद्धान्त के आधार पर बनी भाषा विज्ञान की यह कहावत कि हाथी के दाँत खाने के और दिखाने के और समय के साथ संशोधन योग्य है ! आजकल दाँत केवल खाने और दिखाने मात्र के ही नहीं होते ! हमारे राजनेताओ के विरोधियों को काटने वाले दाँत दिखते तो नहीं पर सदा सक्रिय रहते हैं ! इन नेताओं की बडे ओहदो पर सुप्रतिष्ठित प्रतिष्ठित अधिकारियों के खींसे निपोरकर चाटुकारिता करने वाले दाँत भी आपने जरूर देखे ही होंगे ! मुस्कराकर बडी से बडी बात टाल जाने वाले पालिश्ड दाँतों की आज बडी डिमाँड है ! विज्ञापन प्रिया के खिलखिलाते दाँत हर पत्र पत्रिका की शोभा होते हैं जिस में उलझकर आम उपभोक्ता पता नही क्या क्या खरीद डालता है ! हमारे नेता दिखाने के सिर्फ दो और खाने के बत्तीस पर जाने कितने ही दाँत अपने पेट मे संग्रह कर छिपाये घूम रहे हैं ! जिनकी खोज में विरोधी दल इनकम टैक्स डिपार्टमेंट सी बी आई वगैरह लगे ही रहते हैं ! बेचारे हाथी के तो दो दो दाँतों के व्यापार में ही वीरप्पन ने जंगलों मे अपनी जिंदगी गुजार दी सरकारें हिल गई वीरप्पन के दाँत खट्टे करने के प्रयासों में ! दाँत पीस पीस कर रह गईं पर उसे जिंदा पकड नही पाई !
माँ बताती थीं कि जिसके पुरे बत्तीस दाँत होते हैं उसका कहा सदा सच होता है मुझे आज किसी का कहा सच होते नहीं दिखता इससे मेरा अनुमान है कि भले ही लोगों के दिखने वाले दाँत बत्तीस ही हों पर कुछ न कुछ दांत वे अवश्य ही छिपाये रहते होंगे ! कुथ कहना कुछअलग सोचना और उस सबसे अलग कुछ और ही करना कुशल राजनीतिज्ञ की पहली पहचान है !
सांप का तो केवल एक ही दाँत विषग्रंथि लिये हुये होता है पर मुझे तो अपने प्रत्येक दाँत में एक नये ही तरह का जहर दीखता है ! आप की आप जाने !
चूहा अपने पैने दाँतों के लिये प्रसिद्ध है ! वह कुतरने के लिये निपुण माना जाता है ! पर थोडा सा अपने चारों तरफ नजर भर कर देखिये तो सही आप पायेंगे कि हर कोई व्यवस्था को कुतरने में ही लगा हुआ है ! बेचारी ग्रहणियां महीने के आखीर में कुतरी हुई चिंधियों को जोड कर ग्रहस्थी की गाडी चलाये जा रहीं हैं !
शाइनिंग टीथ के लिये विभिन्न तरह के टुथपेस्ट इस वैश्विक बाजार ने सुलभ करा दिये हैं ! माँ बाप बच्चों को सोने से पहले और जागने के साथ ही आर्कषक टुथ ब्रश पर तरोताजा रखने वाला तुथ पेस्ट लगाकर मुँह साफ करने की नैतिक एवं स्वास्थ्य शिक्षा देते हैं पर पीलापन बढ़ता ही जाता है ! नये नये डेंटल कालेज खुल रहे हैं जिनमें वैद्य अवैद्य तरीकों से एद्मीशन पाने को बच्चे लालायित हैं !
एक चीनी संत ने अपने आखिरी समय में शिष्यों को बुलाकर अपना मुँह दिखा कर पूछा कि क्यों जीभ बाकी है पर दाँत गिर गये हैं जबकि दाँत बाद में आये थे जीभ तो आजन्म थी और मृत्युपर्यंत रहती है ! शिष्य निरुत्तर रह गये ! तब संत ने शिक्षा दी कि दाँत अपनी कठोरता के चलते गिर जाते हैं पर जीभ मृदुता के कारण बनी रहती है ! मुझे लगता है कि यह शाश्वत शिक्षा जितनी प्रासंगिक तब थी आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है ! आइये अपने दाँतों का पैना पन कुछ कम करें और दंतदंश उतना ही करें जितना प्रेमी युगल परस्पर करता है !

 विवेक रंजन श्रीवास्तव

email vivek1959@yahoo.co.in
visit my web page http//www.vikasprakashan.blogspot.com

 
कृपया इस सार का मूल्यांकन करें : 1 2 3 4 5


Please sign in to add your comment Total comments in this abstract : 2

टिप्पणियाँ

Showing 2 out of 2   Please sign in to add your comment
  1. opinion

    gopal sarthi

    15 फरवरी 2008

    congrtulations

  2. danton par likha apka lekh

    Brij mohan shrivastava

    25 मार्च 2008

    bahut din baad ek anand dayak lekh padhne ko mila sadhubad esa laga jaise apke man men vichar aya kalam uthai aur ek hi sans men pura lekh likh dala danton ke wawat apke man men vichar ate gaye aur ap likhte gaye

Read Free Summaries - Write and Get Paid

Summarize Human Knowledge on Shvoong. Join us!

------

Recent Shvoongers

  • ambalika
  • artemissweety
  • Viram
  • yashaswi
  • Kokosia
  • checkefe
  • gomsi
  • DrAmarKumar
  • ilesh
  • mrinmoy57
  • SHEELADIXIT
  • dhruva

.

व्यंग्य - सर्वाधिक लोकप्रिय