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Ek abhinetri ki kahaani....

(8 समीक्षा)
लेखक :anaya  संक्षेपक:ambalika
बुआ का बेटा मोहन; जो सीता से चार साल बड़ा था. हमेंशा सीता के उनफ़ते अंगों को घुरता रहता था. Read Abstract
प्रकाशन तिथि: मार्च 17, 2009 विजिट्स: 309 शब्द : 600

नेता लोग लेते क्या है और देते क्या है.....

(2 समीक्षा)
लेखक :anaya  Review by:ambalika
लगता है कि इन्हें कच्चा चबा जाएं ; इनको हंसते हुए देख कर लगता है कि इनके दांत तोड दिए जाएं, फिर नकली ही क्यों ना हो।.... Read Review
प्रकाशन तिथि: फरवरी 23, 2009 विजिट्स: 92 शब्द : 600

10. जंगल में मोर नाचा... (अंतिम कडी)

(4 समीक्षा)
लेखक :anaya  Review by:ambalika
तो साहबान।...मोर कहीं भी नाच सकता है।... जंगलमें , बाजार में, घर में, हॉट्ल में, कोर्ट में... बस!... मोर का नाचने का मूड होना चाहिए।... हमने खुद मोर क Read Review
प्रकाशन तिथि: फरवरी 19, 2009 विजिट्स: 150 शब्द : 600

चार्ली चैपलिन- एक अद्वितीय अभिनेता

(15 समीक्षा)
लेखक :पैम ब्राउन  Review by:SThap
Read Review
प्रकाशन तिथि: फरवरी 19, 2009 विजिट्स: 226 शब्द : 300

9. जंगल में मोर नाचा...

(1 समीक्षा)
लेखक :anaya  Review by:ambalika
चौपट्जी ने बहुतेरी कोशिश की कि कमसे कम एक हाथ तो छगन की पकड से छूटे.... लेकिन छगन का जोर और जवानी उन पर भारी पड गई।... यह देख कर उनकी बेटी देना हंस पड Read Review
प्रकाशन तिथि: फरवरी 18, 2009 विजिट्स: 179 शब्द : 300

8.जंगल में मोर नाचा…

(1 समीक्षा)
लेखक :anaya  Review by:ambalika
” मै तो आपके पिताजी को चौपट अंकल कहता हूं देनाजी! और टकला मै मगन को कहता हू!…देखिए ना वो टकला अभी तक कोल्ड्रिंक ले कर नहीं आया Read Review
प्रकाशन तिथि: फरवरी 16, 2009 विजिट्स: 32 शब्द : 600

7.जंगल में मोर नाचा…

(1 समीक्षा)
लेखक :anaya  Review by:ambalika
“बंदर की माफिक नहीं छगुजी…कुत्ते की माफिक भौका जाता है!…पर अब मै जा रही हूं!आप क्यों चाय-पानी की तकलिफ उठा रहे है?”देना इधर उधर देखती हुई बोली. Read Review
प्रकाशन तिथि: फरवरी 15, 2009 विजिट्स: 53 शब्द : 600

6. जंगल में मोर नाचा...

लेखक :anaya  Review by:ambalika
यार सामने तो देख मग्गे!...वो ही लड़की!...जिसके पीछे हवालदार ने हमसे 500 रु, झटक लिए थे; हमारे बंद दरवाजे से सटकर खड़ी है!" Read Review
प्रकाशन तिथि: फरवरी 12, 2009 विजिट्स: 38 शब्द : 600

5.जंगल में मोर नाचा...

(1 समीक्षा)
लेखक :anaya  Review by:ambalika
मार-पिटाई एक लडकी हंसा की वजह से हुई थी. छगन का कहना था कि हंसा, उसको देख कर हंसी थी...सो उससे प्यार करती थी!...जबकि मगन का मानना था कि हंसा उसका गाना Read Review
प्रकाशन तिथि: फरवरी 12, 2009 विजिट्स: 56 शब्द : 600

4.जंगल में मोर नाचा...

(2 समीक्षा)
लेखक :anaya  Review by:ambalika
अरे घोंचू तू?...सीटी बज़ाई थी क्या?...कमीने! पहले भी लगता है, तूने ही बज़ाई थी जब उस टट्टू हवालदार ने हमसे 500 रुपये छीने थे!.. Read Review
प्रकाशन तिथि: फरवरी 12, 2009 विजिट्स: 25 शब्द : 600
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