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HP & The Deathly Hallows (chapter 3 : part v)

Summary rating: 5 stars 1 समीक्षा
लेखक : j. k. rowling
Review by : krishna kant
विजिट्स: 267
शब्द: 900
प्रकाशन तिथि: सितम्बर 03, 2007
उसने अपने भाई की ओर जिज्ञासा से देखा। वैसे असलियत में इन गर्मियों में उनके बीच कोई भी बात नहीं हुई या पिछले वाले में, जबकि हैरी प्राइवेट ड्राइव काफी छोटे अंतराल में ही लौट आया था और उसके कमरे में काफी देर तक रहा। हालाँकि, अब हैरी को लगने लगा था, कि सुबह में ठंडी चाय के कप को तोड़ने वाला अनाड़ी जाल उसने नहीं रखा था। हालाँकि थोड़ा दिल को छूने वाला, हैरी को तिस पर भी तसल्ली थी कि अपनी भावनाओं को जाहिर करने में डडली काफी थक गया था। अपना मुँह एक-दो बार और खोलने के बाद, डडली लाल-चेहरे के साथ बगल से खड़ा हो गया।
मौसी पिटुनिया रो पड़ीं। हैसिया जोन्स का तसल्ली भरा चेहरा गुस्से में बदल गया जब मौसी पिटुनिया दौड़तीं हुई आईं और हैरी के बजाए डडली को गले लगा लिया।
"मेरा प्यारा, डड्डू . . . " वह उसके विशाल सीने पर सिसकने लगीं। "क - कितना प्यारा बेटा . . . शु - शुक्रिया अदा कर रहा है . . . "
"पर उसने शुक्रिया तो फिर भी नहीं कहा है!" हैसिया ने रुष्ठ होते हुए कहा। "उसने सिर्फ इतना कहा है कि उसे हैरी फाल्तू नहीं लगता!"
"हाँह, लेकिन डडली के मुँह से इतना सुनना ऐसा है जैसे कि वह कह रहा हो कि मैं तुम्हें चाहता हूँ," हैरी ने कहा, हँसने और झुँझलाहट के बीच में खिंचते हुए, जब मौसी पिटुनिया ने डडली को कसकर पकड़ना जारी रखा, जैसे कि उसने हैरी को एक जलते घर से बचाया हो।
"हम जा रहे हैं या नहीं?" मौसा वर्नन गुर्राए, बैठक के दरवाजे पर फिर से आकर। "मुझे लगा कि हम निर्धारित समय से चलने वाले थे!"
"हाँ-हाँ, बिल्कुल," डिडलस डिग्गल ने कहा, जो इन सभी बातों को सुन रहे थे और खो गए थे और अब लग रहा था कि खुदको समेट रहे थे। "अब हमें जाना चाहिए, हैरी -"
वह आगे आया और हैरी से अपने दोनों हाथों से हाथ मिलाया।
" - गुड लक। उम्मीद है कि हम फिर मिलेंगे। जादू संसार की उम्मीदें अब तुम्हारे जिम्मे हैं।"
"ओह," हैरी ने कहा। "ठीक। शुक्रिया।"
"बाय, हैरी," हैसिया ने कहा, उसके हाथ को जकड़ते हुए। "हम सभी की अरमान तुम्हारे साथ हैं।"
"मुझे उम्मीद है कि सभी कुछ ठीक हो," हैरी ने मौसी पिटुनिया और डडली की ओर देखकर कहा।
"आह, मुझे यकीन है कि आखिर में हम सब एक साथ बेहतरीन खाना खाएंगे," डिग्गल ने हल्के से कहा, अपनी टोपी को जाते वक्त हिलाते हुए। हैसिया उसके पीछे चल पड़ी।
डडली ने खुदको अपनी माँ की पकड़ से जबरदस्ती छुड़ाया और हैरी की ओर बढ़ा, जिसे उसको जादू से धमकाने की इच्छा को दबाना पड़ा था। फिर डडली ने अपना बड़ा, गुलाबी हाथ बढ़ाया।
"ओह, डडली," हैरी ने मौसी पिटुनिया के दोबारा छलक आए आंसुओं पर कहा। "क्या दमपिशाचों में तुम्हारे अंदर एक अलग इंसान को जगा दिया है?"
"पता नहीं," डडली बुदबुदाया। "बाद में मिलते हैं, हैरी।"
"हाँह . . ." हैरी ने कहा, डडली के हाथ से हाथ मिलाकर। "शायद। अपना ख्याल रखना, बिग डी।"
डडली लगभग मुस्कुरा गया, फिर कमरे से घिसटते हुए चला गया। हैरी ने उसके भारी पैरों को गिट्टी के रास्ते पर पड़ते सुना, और फिर एक कार का दरवाजा बंद हुआ.
मौसी पिटुनिया, जिसका चेहरा अपने रूमाल में दुपका हुआ था, आवाज की वजह से आसपास देखा। उसे लगा ही नहीं था कि वह खुदको हैरी के साथ अकेला पाएगी। अपने गीले रूमाल को अपनी जेब में रखते हुए, उसने कहा, "तो- गुडबाय," और उसकी ओर बिना देखे हुए दरवाजे की ओर बढ़ चली।
"गुड-बाय," हैरी ने कहा।
वह रुकी और पीछे देखा। एक पल के हैरी को अजीब सा अहसास हुआ कि वह कुछ कहना चाहती थी। उसने एक विषम, कंपकंपाता सा चेहरा बनाया और बात को आगे बढ़ाती सी मालूम हुई, लेकिन फिर, अपने सिर के एक हल्के झटके के साथ, वह अपने पति और बेटे के पीछे कमरे से हड़बड़ाहट में बाहर निकल गयी।
 
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