डर्सली, जो कि इन सभी बातों को अपने चेहरों पर नानाप्रकार के हाव भावों के साथ सुन रहे थे, एक तीखी आवाज से उछल गए, "जल्दी करो!"
हैरी ने पूरे कमरे में नजर दौड़ाई और फिर उसे अहसास हुआ कि आवाज डिडलस की घड़ी से आई थी।
"बिल्कुल ठीक, हम अपने निर्धारित समय के अनुसार कार्य करेंगे," डिडलस ने अपनी घड़ी की ओर सिर हिलाकर और अपनी बगल की जेब में उसे वापस दबाते हुए कहा। "हैरी, हम तुम्हारे परिवार के गायब होने के साथ ही इस घर से तुम्हारे निकलने के वक्त को निर्धारित कर रहे हैं: इसलिए, जादू तभी टूटता है जब तुम सब सुरक्षित जगहों के लिए निकलोगे।" वह डर्सलियों की ओर मुड़ा। "तो, क्या आप सबने पैकिंग कर ली है और जाने के लिए तैयार हैं?"
उनमें से किसी ने उसका जवाब नहीं दिया। मौसा
वर्नन अभी तक मुँह खोले हुए, डिडलस की जेब के उभार को ताक रहे थे।
"शायद हमें बाहर हॉल में इंतजार करना चाहिए, डिडलस," हैसिया ने धीरे से कहा। उसे लग रहा था कि उस कमरे में उनका रुकना ठीक नहीं होगा जब हैरी और डर्सली प्यारभरे, आँसुंओं से भरी हुई विदा लेंगे।
"कोई जरूरत नहीं है," हैरी ने कह दिया, लेकिन मौसा वर्नन यूँ ही जोर से कहा, "खैर, तो फिर विदा, छोकरे।"
उन्होंने हैरी से हाथ मिलाने के लिए अपना दाँया हाथ आगे बढ़ा दिया, पर आखिरी क्षण में उसका सामना नहीं कर सके, और अपनी मुठ्ठी को बंद कर लिया और आगे-पीछे एक पेंडुलम की तरह हिलाने लगे।
"तैयार हो, ड्डडू?" मौसी
पिटुनिया ने पूछा और अपने पर्स की जकड़न को चैक करने लगी ताकि हैरी की ओर ना देख पाएँ।
डडली ने जवाब ने जवाब नहीं दिया, लेकिन अपने मुँह को थोड़ा खोलकर खड़ा रहा, जिसने हैरी को थोड़ा सा दैत्य, ग्रॉप की याद दिला दी।
"तो फिर, साथ आ जाओ," मौसा वर्नन ने कहा।
वे बैठक के दरवाजे तक पहुँच ही गए थे जब डडली बड़बड़ाया, "मुझे समझ नहीं आ रहा है।"
"क्या समझ नहीं आ रहा, स्वीटी पाई?" मौसी पिटुनिया ने पूछा, ऊपर अपने बेटे की ओर देखकर।
डडली ने अपना बड़ा, हथौड़े जैसे हाथ से हैरी की ओर इशारा किया।
"वो हमारे साथ क्यों नहीं आ रहा?"
मौसा वर्नन और मौसी पिटुनिया जहाँ खड़े थे, वहीं जम गये, डडली की ओर घूरने लगे जैसे कि उसने अभी-अभी एक ओपेरा गायक बनने की चाह कह दी हो।
"क्या?" मौसा वर्नन ने जोर से कहा।
"वो भी क्यों नहीं आ रहा?" डडली ने पूछा।
"खैर, वह - वह आना नहीं चाहता," मौसा वर्नन ने कहा, हैरी को देखने के लिए मुड़े और पूछा, "तुम नहीं आना चाहते, है ना?"
"बिल्कुल भी नहीं," हैरी ने कहा।
"अब ठीक है," मौसा वर्नन ने डडली से कहा। "अब चलो, हमें जाना है।"
वे कमरे से बाहर निकल आए। उन्होंने सामने के दरवाजे को खुलते सुना, लेकिन डडली नहीं हिला और कुछ डगमगाते कदमों के बाद मौसी पिटुनिया भी रुक गयीं।
"अब क्या?" मौसा वर्नन चिल्लाये, दरवाजे पर फिर से आते हुए।
ऐसा लग रहा था कि डडली जिससे उलझ रहा था उसे शब्दों में ढालना काफी मुश्किल था। फिर कई पलों की मन की दर्दभरी उलझन के बाद उसने कहा, "लेकिन वो कहाँ जाएगा?"
मौसी पिटुनिया और मौसा वर्नन एक दूसरे को देखने लगे। अब डडली उन्हें डराने लगा था। हैसिया जोन्स ने चुप्पी को तोड़ा।
"लेकिन . . . यकीनन तुम जानते हो कि तुम्हारा भाई कहाँ जा रहा है?" उसने पूछा, अजीब से अंदाज में।
"हाँ हम जानते हैं," वर्नन डर्सली ने कहा। "वह तुममें से किसी के हिस्से में है, है ना? ठीक, डडली, अब कार में बैठो, तुमने उस आदमी को सुना, हम जल्दी में हैं,"
दोबारा, वर्नन डर्सली सामने वाले दरवाजे तक बढ़े, लेकिन डडली नहीं गया।
"हममें से किसी के हिस्से में है?"
हैसिया आपे से बाहर लग रही थी। हैरी इस हरकत से परिचित था। जादूगर और जादूगरनियाँ ये जानकर सदमे में लगते थे कि उसके सबसे करीबी जीवित रिश्तेदार महान हैरी पॉटर में इतनी कम दिलचस्पी लेते थे।
"सब ठीक है," हैरी ने दिलासा दिलाया। "इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, ईमानदारी से।"
"फर्क नहीं पड़ता?" हैसिया ने दोहराया, उसकी आवाज किसी अशुभ के संकेत में बढ़ी जा रही थी। "क्या इन लोगों इसका जरा भी आभास नहीं कि तुम किस चीज से गुजरे हो? तुम कितने खतरे में हो? तुम वोल्डेमॉर्ट-विरोधी अभियान के दिलों में कितने अहम पद पर हो?"
"अ - नहीं, वे नहीं जानते," हैरी ने कहा। "असल में उन्हें लगता है कि मैं कोई फाल्तू हूँ, पर मुझे आदत हो चुकी है -"
"मुझे नहीं लगता कि तुम फाल्तू हो।"
अगर हैरी ने डडली के होठों को हिलते हुए नहीं देखा होता, तो वह इस पर विश्वास ही नहीं करता। उसने डडली को कई पलों तक घूरा ताकि ये मान सके कि ये सब कहने वाला उसका भाई ही था। डडली लाल पड़ गया था। हैरी खुद भी अचंभित था और शर्मा रहा था।
"खैर . . . अ . . . शुक्रिया, डडली।"
दोबारा से, उसके बुदबुदाने से पहले ऐसा लगा कि डडली अपने विचारों को शब्दों में बयान करने के लिए काफी मशक्कत कर रहा है, "तुमने मेरी जान बचाई थी।"
"दरअसल नहीं," हैरी ने कहा। "दमपिशाच तुम्हारी आत्मा को ले जाने वाला था . . . "