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हैरी पॉटर और दर्दनाक चीखें (chapter 2 : part ii)

Summary rating: 4 stars 2 समीक्षा
लेखक : J. K. Rowling
Review by : krishna kant
विजिट्स: 271
शब्द: 900
प्रकाशन तिथि: सितम्बर 02, 2007
 इसने अखबारों के ढेर के लिए पर्याप्त जगह खाली कर दी थी, जो उसकी मेज पर बर्फीली उल्लू, हैडविग, के बगल से रखे थे : जितने दिन हैरी ने गर्मियों में प्राइवेट ड्राइव में गुजारे, उतने।
          वह फर्श से उठ खड़ा हुआ, पीठ तानी, और अपनी मेज की ओर बढ़ चला। हैडविग ने कोई हलचल नहीं की, जब हैरी अखबारों को पलटे जा रहा था, और उन्हें एक एक करके संदूक में बचे कचरे के ढेर में फेंकता जा रहा था। उल्लू सो रही थी, या फिर नाटक कर रही थी : वह हैरी से नाराज थी क्योंकि वह अब बहुत कम समय के लिए ही अपने पिंजरे से बाहर निकाली जाती थी।
          जैसे ही वह अखबारों के ढेर के अंत में पहुँचा, हैरी धीमा हो गया, एक खास खबर को ढूंढने के लिए जिसे कि वह जानता था कि जब वह इन गर्मियों में प्राइवेट ड्राइव आया था तब शुरूआत में ही वह अंक छापा गया था ; उसे याद आया कि उसके सामने चैरिटी बरबेज़ के इस्तीफे की बात का जिक्र किया गया था, होग्वार्टस में मग्लू अध्ययन की शिक्षिका। आखिरकार उसने ढूंढ़ लिया। पेज दस तक पलटते हुए, वह अपनी कुर्सी पर बैठ गया और उस लेख को पुनः पढ़ने लगा जिसे वह ढूँढ़ रहा था।
 
एलबस डम्बल्डोर की याद में
 
एलफियस डोज़ के द्वारा
 
मैं डम्बल्डोर से पहली बार होग्वार्ट्स में जब मैं ग्यारह साल की थी। हमारा पारस्परिक आकर्षण बेशक इसलिए था क्योंकि हम दोनों ही खुदको बाहर का समझते थे। मैं अभी-अभी ड्रैगन-पॉक्स से ठीक हुई थी, और हालाँकि मुझसे अब इस बीमारी के फैलने का खतरा नहीं था फिर भी मेरे मुर्झाए से चेहरे और हल्के हरे रंग की वजह से कोई मेरे पास आने का साहस नहीं करता था। इस पर, डम्बल्डोर अनचाही बदनामी के बोझ के तले होग्वार्ट्स पहुंचे थे। करीब एक साल पहले, उनके पिता, पर्सिवल, तीन मग्लुओं पर दर्दनाक और मीडिया के सामने किये गए हमले के अभियोग में फंसे हुए थे।
अलबस ने कभी यह स्वीकार करने से मना नहीं किया कि उनके पिता (जिन्हें अज़कबान में मौत की सजा सुनाई गई थी) ने एक जुर्म किया था; इसके विपरीत, जब मैं यह पूछने के लिए साहस जुटाया तो उन्होंने मुझे सांत्वना दी कि वह अपनी पिता के गुनाह के बारे में जानते थे। इससे आगे, डम्बल्डोर ने दुख से भरी बात को आगे बढ़ने से रोक दिया, हालाँकि कई लोगों ने उनसे पहले ही इस विषय में बात करने से मना किया था। कुछ तो, यकीनन, उनके पिता के कार्य की तारीफ के पुल बाँधने लगे थे और उन्हें यह लगा कि अलबस भी मग्लुओं से नफरत करते हैं। वे सभी इससे ज्यादा गलत नहीं हो सकते थे। क्योंकि जो कोई भी अलबस को जानता था, वह यही कहता कि अलबस के अंदर दूर-दूर तक मग्लुओं के प्रति घृणा के अंश नहीं थे। जाहिर है, आने वाले वर्षों में उनके मग्लुओं के अधिकारों के प्रति सहायता ने कई दुश्मनों को जन्म दिया था।
हालाँकि सिर्फ कुछ ही महीनों में, अलबस की खुदकी शख्सियत ने उनके पिता की शख्सियत को ढंकना शुरू कर दिया था। उनके पहले साल के अंत में ही वे मग्लू-बैरी के नाम से छुटकारा पा चुके थे, पर अब उनकी नई पहचान स्कूल के अब तक के सबसे होनहार छात्र के रूप में बन गयी थी। हममें से कुछ जिन्हें उनका दोस्त होने का सौभाग्य मिला था, उनकी सहायता और प्रोत्साहन के जीते जागते सबूत बन गए थे, जिनके साथ वे हमेशा ही नम्र पेश आते थे। कुछ समय बाद उन्होंने मेरे सामने यह स्वीकार किया कि उन्हें पढ़ाने में सबसे ज्यादा खुशी मिलती है।
उन्होंने ना सिर्फ स्कूल द्वारा दिये गए सभी महत्वपूर्ण उपहार जीते, बल्कि जल्द ही उन्हें महान नामों के बीच गिना जाने लगा, जिनमें शामिल थे, निकोलस फ्लमेल, एक जानेमाने रसायनशास्त्री; बैथिल्डा बैगशॉट, जानीमानी इतिहासकार; और  एडलबर्ट वफलिंग, जादूई सिद्धांतकार। उनके कई परीक्षा पत्रों ने बहुचर्चित पत्रिकाओं में अपना रास्ता बना लिया, दैनिक बदलाव, मंत्रों की ललकार, और  व्यवहारिक काढ़ाकर्ता। डम्बलडोर का भविष्य तेजी से ऊपर बढ़ रहा था और सबके मन में यही सवाल था कि वे जादूमंत्री कब बनेंगे। वैसे तो इस बात की भविष्यवाणी आने वाले वर्षों में काफी की गई कि वे इस कार्य को बस हाथ में लेने ही वाले हैं, फिर भी, मंत्रीपद की उन्हें कोई ख्वाहिश नहीं थी।होग्वार्ट्स में दाखिले के तीन साल बाद, अलबस का भाई, अबरफर्थ, स्कूल में पहुँचा। वे एक जैसे नहीं थे; अबरफर्थ किताबी कीड़ा नहीं था, अलबस से उल्टे, अपने आपसी झगड़ों को वह लड़ाई के जरिये सुलझाता था बजाए एक सुलझी हुए बातचीत के। हालाँकि, ये सुझाव देना गलत होगा, पर दोनों भाई अच्छे दोस्त नहीं थे, जैसा कि कुछ के होते हैं। वे बस दो लड़कों की तरह ही आपस में रहते थे। अबरफर्थ की नजरों में, डम्बल्डोर की छाया में रहना कोई खास अच्छा अनुभव नहीं था। एक दोस्त की हैसियत से डम्बल्डोर का लगातार रौनक बिखेरते रहना, एक कामगर इंसान के लिए खतरा था और एक भाई की हैसियत से भी इसमें खुशी की कोई बात नहीं थी।
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