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HP & The Deathly Hallows (chapter 2 : part iii)

Summary rating: 5 stars 1 समीक्षा
लेखक : J. K. Rowling
Review by : krishna kant
विजिट्स: 193
शब्द: 900
प्रकाशन तिथि: सितम्बर 02, 2007
जब अलबस और मैंने होग्वार्ट्स छोड़ा तो हमने उस समय के हिसाब संसार घूमने की परंपरा को निभाने की सोची, अपना एक अलग मुकाम चुनने से पहले विदेशी जादूगरों से मिलने का अनुभव। किन्तु एक अप्रिय घटना घट गयी। हमारे निकलने के दिन पर, अलबस की माँ, कैन्ड्रा, दुनिया छोड़ कर चलीं गयीं और अलबस घर के प्रमुख बचे, और अकेले घर चलाने वाले। मैंने अपने कार्यक्रम को भी कैन्ड्रा के जनाजे को सम्मान देने के लिए काफी दिनों तक टाल दिया, और फिर निकल पड़ी, अकेले यात्रा करने के लिए। डम्बल्डोर के पास बस कुछ सोना बचा था, छोटे भाई और बहन की देखभाल करने के साथ ही उनका मेरे साथ आने का अब कोई प्रश्न ही नहीं उठता था।
ये वक्त हमारी जिंदगियों का वह वक्त था जब हम सबसे ज्यादा दूर रहे। मैंने अलबस को सबकुछ लिखा, शायद कुछ अनमनेपन से,मेरी यात्रा के आश्चर्य, ग्रीस में किमायरा मछली से बाल-बाल बचने से लेकर मिस्र के रसायनशास्त्री। उनके खतों ने  उनके बीत रहे दिनों के बारे में कुछ कुछ बताया, जो इतने बेहतरीन जादूगर के हिसाब से बहुत रूखाई से लिखे गए थे। अपने ही अनुभवों में खोई हुई, एक बहुत डरा देने वाली घटना मैंने सुनी, यहाँ मेरी यात्रा खत्म होने को थी, और वहाँ डम्बल्डोर के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट गया था : उनकी बहन आरियाना की मृत्यु हो गयी थी।
हालाँकि आरियाना की तबियत एक लम्बे अर्से से खराब थी, पर अपनी माँ की मौत के कुछ ही दिन बाद हुए इस झटके ने दोनों भाइयों पर गहरा प्रभाव डाला। अलबस के करीबी दोस्तों का - जिनमें खुदको शामिल करने में मुझे खुशी होती है - यह मानना था कि आरियाना की मौत, और उसके लिए अलबस का खुदको जिम्मेदार मानना (हालाँकि वे भी जिम्मेदार नहीं थे), दोनों ने ही उन पर आजीवन के लिए एक गहरी छाप छोड़ दी थी।
मैं घर लौटी तो एक नौजवान आदमी को पाया जो बुढ़ापे के दुखों को झेल चुका था। अलबस अब पहले से काफी संकोच , और दिल पर भारीपन के साथ जीने लगे थे।
उनके दुखों ने और आगे बढ़ना शुरू किया, आरियाना की मौत, अलबस और अबरफर्थ के बीच करीबी नहीं ला पाई थी, बल्कि अब गैरों जैसा माहौल बन गया था। (वक्त के बीतने के साथ, जब वे अलग अलग रहने लगे, तो भले ही दोनों बीच वह नजदीकी रिश्ता न बन पाया हो, पर एक स्नेहपूर्ण रिश्ता फिर से कायम हो गया था।) हालाँकि, इसके बाद उन्होंने परिवार और आरियाना के बारे में कभी कभार ही बातें कीं, और उनके दोस्तों इनके विषय में बात ना करना सीख लिया।
मेरी कलम इन सालों की जीत की दास्तान बयान करेगी। जादूगरी शिक्षा की पद्धति को डम्बल्डोर के अनगिनत सहयोग, जिसमें ड्रैगन के खून के बारह उपयोग शामिल थे, जो आने वाली पीढ़ी को फायदा पहुँचाएगी, साथ वह समझ और गम्भीरता जो उन्होंने  विजेनगामोट के प्रमुख वार्लॉक के पद पर कई फैसले लेने में दिखाई थी। हालाँकि, उनका यही कहना है कि डम्बल्डोर और ग्रिन्डेलवाल्ड के बीच हुए 1945 के मुकाबले जैसा आज तक कभी नहीं देखा गया। जो इसके दर्शक बने, उन्होंने अपना डरा और सकपकाया हुआ अनुभव लिखा है जब दो अद्वितीय जादूगर युद्ध कर रहे थे। डम्बल्डोर की जीत, और जादूगरी की दुनिया पर उसके परिणामों ने निश्चित तौर पर जादू इतिहास में एक नया मोड़ ला दिया था। जो रहस्यों के अंतर्राष्ट्रीय मसले या वो-जिसका-नाम-नहीं-लेते की गिरती ख्याति के बराबर के स्तर का था।
अलबस डम्बल्डोर कभी भी घमंडी और अहंकारी नहीं थे; वे हमेशा दूसरों में कोई ना कोई अच्छी बात ढूँढ़ ही लेते थे, चाहे कोई हवाई बात ही क्यों ना हो, और मुझे लगता है कि उनके शुरुआती दुखों ने उनमें इंसानियत और दया का जज्बा पैदा कर दिया था। मैं उनकी दोस्ती को हमेशा याद रखूँगी और यह बात शब्दों में नहीं कह सकूंगी, लेकिन मेरा यह दुख जादू की दुनिया के नुकसान के आगे कुछ भी नहीं है। कि बगैर किसी सवाल के होग्वार्ट्स के हैडमास्टर के तौर पर वे सबसे ज्यादा चहेते थे। वे जैसे जिए वैसे ही मरे, हमेशा सबसे अच्छे के खातिर और, अपने आखिरी वक्त में भी, एक ऐसे बच्चे की ओर हाथ बढ़ाने की कोशिश करते हुए जिसे ड्रैगनपॉक्स हुआ हो जैसा उन्होंने पहले दिन पर मेरे लिये किया था।
 
हैरी ने पढ़ना बंद कर दिया लेकिन डम्बल्डोर के मृत शरीर की तस्वीर के बगल में लगी उनकी दूसरी तस्वीर को देखना जारी रखा। डम्बल्डोर के चेहरे पर, वही जानी पहचानी मुस्कान थी, लेकिन जब उन्होंने अपने अर्द्ध-चँद्र के आकार के चश्मों से ऊपर झांका, तो हैरी को दिया गया उनका धोखा नजर आ रहा था, जिसका दुख उनकी लाचारी में छुपा हुआ था।
उसे लगा था कि वह डम्बल्डोर को बहुत अच्छी तरह से जानता था, पर इस शोक संदेश के पढ़ने के बाद उसे यही मानना पड़ा कि वह डम्बल्डोर का मात्र एक अंशजानता था। उसने डम्बल्डोर के बचपन या जवानी के बारे में कभी नहीं सोचा था; ये तो ऐसा था कि वे केवल हैरी के लिए ही अचानक से फूट पड़े हो, आदरणीय और सफेद-बालों के साथ। एक टीनेज डम्बल्डोर की कल्पना बिल्कुल विचित्र लगती थी, जैसे कि एक बेवकूफ हरमाइनी या एक दोस्ताना धमाकेदार सिरे वाले केंचुए की कल्पना करना।
कृपया इस सार का मूल्यांकन करें : 1 2 3 4 5


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