सांप्रदायिक समस्या
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प्रकाशन तिथि: जनवरी 27, 2008
सांप्रदायिक समस्या” नाम की ये किताब मूल रूप से 1931 के कानपुर दंगों पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की तैयार की हुई रिपोर्ट पर आधारित है. कांग्रेस ने 24 मार्च, 1931 को कानपुर में हिंदू-मुस्लिम दंगों की जांच और दोनों समुदायों में बढ़ रही कड़वाहट की जांच के लिए अपने कराची सत्र में एक छह सदस्यीय समिति बनाई थी.इसके सदस्य थे भगवान दास (अध्यक्ष), सुंदरलाल, पुरूषोत्तम दास टंडन, मंज़र अली सोख़्ता, अब्दुल लतीफ़ बिजनौरी और मौलाना जफ़रुल मुल्क.समिति की रिपोर्ट को कांग्रेस ने 1933 में प्रकाशित किया लेकिन ब्रिटिश सरकार ने इस पर फौरन पाबंदी लगा दी थी.
इस दुर्लभ दस्तावेज़ को सात दशक बाद पहली बार किताब के तौर पर सार्वजनिक किया गया है.