लतीफे (Gustakhimaaf.com)
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प्रकाशन तिथि: जनवरी 06, 2008
1.एक आलसी से मित्र ने कहा : सुना है, तुम फौज में भरती हो रहे हो ?
आलसी : अरे नहीं, मुझे तो यह भी पता नहीं कि बंदूक का मुंह किधर रखकर चलाते हैं।
मित्र : इसमें क्या है ? तुम बंदूक का मुंह किधर भी रखकर चलाओ, देश का भला ही करोगे।
2.
राम, मोहन को गणित समझा रहा था।
- मान लो, तुमने गोपाल को 1000 रु. दिए और उसने 100 रु. प्रतिमाह की किश्त तथा 3 रु. प्रति सैकड़े की दर से ब्याज देने का वादा किया तो 7 माह बाद तुम्हें कितना धन प्राप्त होगा ?
मोहन : कुछ भी नहीं ।
राम : क्यों ? लगता है तुम गणित के बारे में कुछ भी नहीं जानते ।
मोहन : ऐसा नहीं है। दरअसल तुम गोपाल के बारे में कुछ भी नहीं जानते .... !
3.
एक मरीज से, जिसे एक गंभीर ऑपरेशन के बाद अभी अभी होश आया ही था, डॉक्टर ने कहा - ''''मुझे लगता है कि तुम्हारा ऑपरेशन दुबारा करना पड़ेगा।''''
''''क्यों'''' - मरीज ने पूछा।
''''क्योंकि मेरे रबर के दस्ताने नहीं मिल रहे हैं। शायद वो तुम्हारे पेट में छूट गये हैं।''''
''''यदि केवल रबर के दस्तानों के लिये आप दुबारा ऑपरेशन करने जा रहे हैं तो प्लीज मत कीजिये। मैं आपको उनकी कीमत अदा कर दूंगा।''''