थोड़े समय बाद साधु लीलाराम जी उत्तर भारत में पहाड़ों पर चले गये| वहां सन्तों, महात्माओं और योगियों का खूब संग किया| कई वर्ष हरिद्वार, ऋषिकेश, उत्तरकाशी, हिमालय की गुफाओं, तिब्बत आदि स्थानों का रटन करत.
प्रकाशन तिथि:
27 अगस्त 2011
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