इस
पुस्तक का विषय है मैमोग्राफी किस तरह करें। पाठ्यसामग्री एवं प्रस्तुति में नवीनता और संक्षिप्तता के गुणों से भरपूर यह छोटी
पुस्तिका रेडियोलिजिस्टों की कुशलताओं में वृद्धि लाने में सक्षम है और मैमोग्राम को देखकर उनका सही अर्थ समझने-समझाने में उन्हें मदद करेगी। मैमोग्राफी से संबंधित तकनीकी, विवादास्पद एवं व्याख्यात्मक पहलुओं पर पर्याप्त प्रकाश डाला गया है। इसके लिए
पुस्तक में अनेक उत्कृष्ट चित्र और
वास्तविक प्रकरणों (केस स्टडी) का समावेश किया गया है। इनके अध्ययन से स्तनों के रोगों के निदान एवं उपचार की कुशलता में निश्चय ही बढ़ौत्तरी होगी। यह इस पुस्तक का संशोधित एवं परिवर्धित संस्करण है और इसमें अधिक संख्या में वास्तविक प्रकरणों, स्तन के गठन के शरीरवैज्ञानिक परिचय पर एक अध्याय और अनेकानेक उच्च स्तर के मैगोग्रामों का समावेश किया गया है।