NEWS IN ELECTRONIC MEDIA
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प्रकाशन तिथि: मार्च 10, 2007
इलेक्ट्रॉनिक जर्नेलिज्म से हमारा तात्पर्य इलेक्ट्रॉनिक संसाधनो जैसे टीवी रेडियों पर न्यूज से संबधित कार्य करने वाले लोगों या पत्रकारों से होता है यहां पत्रकार टीवी के लिए न्यूज से संबधित विभिन्न कार्य करते है.टीवी पत्रकारिता को पूरा जानने के लिए यूं को काफी विस्तृत अध्ययन करना होगा लेकिन हम यहां उन खास विभागों की चर्चा करेंगे जो इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रमुख अंग है,इलेक्ट्रानिक मीडिया के 5 प्रमुख अंग होते है(1) डैक्स (न्यूज रुम) (2) इनपुट (3) एडीटिंग (4) पीसीआर (5) एमसी आर
डैक्स से हमारा तात्पर्य न्यूज रुम से होता है अगर कहा जाएं की सारी न्यूज डैक्स पर तैयार होती है तो गलत नही होगा वैसे अगर हम न्यूज के फ्लो की बात करें तो दर्शको तक पहंचने के लिए एक खबर को निम्न पड़ाव पार करने होते है ।NEWS---REPORTER---INJUST---INPUT---DESK---EDITING--PCR----MCR --EARTH STATION--SETELITE--CABLE OPRETER-+DISH ANTINA--AT LAST TELEVISIONहम इसका वर्णन कुछ इस प्रकार कर सकते हैसबसे पहले खबर --खबर कुछ भी हो सकती है शर्त यह है कि उसका सबंध किसी चीज से जरुर हो..मौत भी खबर होती है क्योकि उसका सबंध एक परिवार या किसी प्रसिद्ध व्यक्ति की स्थिति में समाज या देश से होता है बच्चे का जन्म होना भी एक खबर है क्योकि कुछ हुआ है ..कुछ हो जिससे कुछ प्रभावित हो उसे हम खबर की श्रेणी में रख सकते है..तो किसी भी खबर तक या तो रिपोर्टर पहुंचता है या उसके स्त्रोत उसे इसकी जानकारी देते है..खबर को लेने के बाद रिपोर्टर अगर स्टूडियों से दूर है को INJUST के जरिये खबर भेजता है..INJUST के जरिये खबर उसी समय स्टूडियो को मिल जाती है..अगर खबर के साथ समय की बंदिश नही है या रिपोटर के पास INJUST कराने का साधन नही है तो खबर की सीडी या टेप कुरियर और डाक के जरिये भेजी जाती है.INJUST में खबर का फुटेज आता है खबर की स्क्रिप्ट फैक्स के जरिये इनपुट में भेजी जाती है..इनपुट स्क्रिप्ट और फुटेज की आई डी डैक्स को देता है ..अब डैक्स खबर को रिराइट करता है..डैक्स के किसी व्यक्ति को स्क्रिप्ट और फुटेज की आईडी दी जाती है..उस व्यक्ति को हम मोहन मान लेते है..मोहन एडिट वे में जाकर फुटेज को देखता है उस स्क्रिप्ट में जिस व्यक्ति की बाईट है उस व्यक्ति को बाइट को लॉग किया जाता है..बाइट को लॉग करने के बाद रिपोर्टर ने जो स्टोरी भेजी है उस के आधार दुबारा स्टोरी को लिखा जाता है ..इसके साथ नेम सुपर स्लग भी बनाए जाते है..स्टोरी लिखने के बाद वॉइस ओवर किया जाता है..इसके साथ ही डैक्स का काम खत्म होता है..स्टोरी को एडीटर एडीट करता है..एडीट करने के बाद स्टोरी को एक आईडी दी जाती है..इस आईडी को प्रेप में रखा जाता है बुलेटिन प्रोडूसर स्टोरी को प्रेप से उठाकर रन में लगाता है ..रन को पीसीआर में PUBLISH किया जाता है..स्टोरी के प्रामेट की चर्चा हम नीचे करेंगे..पीसीआर से स्टोरी की स्क्रिप्ट स्टूडियों में बैठा एंकर पढ़ता है और स्टोरी को पीसीआर से प्ले किया जाता है..पीसीआर से लाइव रिकार्डिंग होती है पीसीआर से एमसीआर कनेक्ट होता है..पीसीआर में जो कुछ रिकार्ड हो रहा होता है उसे एमसीआर ON AIR करता है ..पीसीआर से कुछ भी गलत होने की स्थिति में एमसीआर उस चीज को हटा सकता है लेकिन एमसीआर से रिले होने वाली किसी भी चीज को रोकना संभव नही है एमसीआर से फीड EARTH STATION जाती है जहां से फीड को सैटेलाइट पर अपलिंक किया जाता है सैटेलाईट से कैबल और डिश एंटिना के जरिये लोग टीवी पर खबर देखते है