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हिंदी सिनेमा का इतिहास

Summary rating: 3 stars 5 समीक्षा
Review by : Mahendra Yadav
विजिट्स: 470
शब्द: 300
प्रकाशन तिथि: मार्च 09, 2007
भारतीय सिनेमा का इतिहास: भारतीय सिनेमा के इतिहास की आरंभ से लेकर वर्तमान स्थिति की पूरी जानकारी देने वाली इस किताब के लेखक संजीव श्रीवास्तव जाने माने फिल्म समीक्षक, लेखक और पत्रकार हैं। पुस्तक में हिंदी सिनेमा के सौ साल के सफर के बारे में विस्तृत जानकारी रोचक तरीके से दी गई है। इसे करीब एक दर्जन अध्यायों में बांटा गया है और बॉलीवुड उद्योग की सारी प्रमुख घटनाओं को समेटा गया है। लेखक ने बड़े ही रोचक तरीके से हिंदी सिनेमा की शुरूआत का परिचय दिया है,जो कि लूमियर बंधुओं की स्टिल फोटोग्राफी के मुंबई में प्रदर्शन से आरंभ होती है। ये किताब उन आम किताबों से इस अर्थ में अलग है कि इसमें इतिहास की घटनाओं को समेटा मात्र नहीं गया है बल्कि इसमें भारतीय समाज और हिंदी सिनेमा के विकास की सुंदर तस्वीर भी खींची गई है।हिंदी सिनेमा के पार्श्वगायन और परदे के पीछे की अन्य गतिविधियों पर अलग से अध्याय शामिल किया गया है। सिनेमा में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए ये किताब बहुत अच्छी संदर्भ सामग्री प्रस्तुत करती है। साथ ही, आम लोगों के लिए भी ये काफी मजेदार है।लेखक ने जाने माने स्क्रिप्ट राइटर और साहित्यकार स्वर्गीय कमलेश्वर के साथ दस साल से ज्यादा तक सहयोगी के तौर पर काम किया है। जाहिर है, उनके इसी अनुभव ने उन्हें ये किताब लिखने के लिए प्रेरित किया और मदद भी की। लेखक संजीव श्रीवास्तव आज भी टीवी चैनलों से लगातार जुड़े हैं।हिंदी सिनेमा का इतिहास, पुस्तक को भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग ने प्रकाशित किया है। जिसका कार्यालय नई दिल्ली में सूचना भवन, सीजीओ कॉम्पलेक्स, लोधी रोड में स्थित है। लेखक से pihukuhu@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।
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