श्वूंग होम > पुस्तक > नाच्यौ बहुत गोपाल

.

नाच्यौ बहुत गोपाल

Summary rating: 5 stars 1 समीक्षा
Review by : Sagar Nahar
विजिट्स: 325
शब्द: 300
प्रकाशन तिथि: मार्च 09, 2007
दलितों पर सवर्णों पर द्वारा किये अत्याचार पर हमने बहुत पढ़ा और सुना परन्तु इस पुस्तक में नायिका निर्गुणियाँ ( सत्य घटना) एक पंडित के घर में जन्म लेती है और अल्पायु में ही उसका विवाह एक अधेड़ के साथ हो जाता है, उसके पति के साथ पटरी नहीं बैठती है। ना ही अधेड़ पति उसकी कामतृप्ति को संतुष्ट कर पाता है।
पुराने जमाने के हिसाब से घर में मैला (मल) उठाने के लिये एक मेहतरानी आती है। एक दिन किसी कारण वश मेहतरानी का युवा बेटा मैला उठाने आता है और नायिका उस सजीले युवक पर मोहित होकर उसके साथ भाग जाती है और उस मेहतर के साथ विवाह कर लेती है, बाद में शुरू होता है उस पर एक मेहतर द्वारा अत्याचारों का सिलसिला....यहाँ तक की मैला उठाने से लेकर सूअर का मांस भी खाना पड़ता है....
श्री अमृत लाल नागर ने निर्गुणियाँ की कहानी को इस सुन्दर तरीके से उपरोक्त पुस्तक में प्रस्तुत किया है कि एक बार पढ़ना शुरू करने के बाद बीच में रोक पाना असंभव लगता है। अगर आपने यह पुस्तक अभी तक नहीं पढ़ी है तो देर ना करें।
यह पुस्तक रजपाल एंड सन्स ने प्रकाशित की है और इसका मूल्य भारतीय मुद्रा में 225/- रुपये है। जिसे आप यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं।
http://www.orientpaperbacks.com/8170280052.asp
कृपया इस सार का मूल्यांकन करें : 1 2 3 4 5


टिप्पणियाँ

Read Free Summaries - Write and Get Paid

Summarize Human Knowledge on Shvoong. Join us!

------

Recent Shvoongers

  • ambalika
  • artemissweety
  • Viram
  • yashaswi
  • checkefe
  • dhruva
  • gomsi
  • Kokosia
  • DrAmarKumar
  • ilesh
  • mrinmoy57
  • SHEELADIXIT

.