Adhura Khwab (unfulfilled dream)
Summary rating: 4 stars
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300
प्रकाशन तिथि: मार्च 04, 2007
इलाहाबाद की जेल में बंद पूर्व माफिया डॉन बबलू श्रीवास्तव ने अधूरा ख्वाब शीर्षक से काफी रोचक किताब लिखी है,जिसमें अपराध जगत की काफी दिलचस्प जानकारी दी गई है। माफियाओं की जिंदगी की गहरी जानकारी इस पुस्तक में मिलती है। किसी जाने माने व्यक्ति को कैसे किडनैप किया जाता है, कैसे फिरौती मांगी जाती है और कैसे पुलिस से निपटा जाता है- ये सब इस किताब में विस्तृत रूप में दिया गया है।
भारत की सबसे अच्छी पुलिस मानी जाने वाली मुंबई पुलिस के बारे में भी अहम जानकारी किताब में दी गई है। बबलू श्रीवास्तव का कहना है कि मुंबई में ट्रैफिक के नियम तोड़ना ही एकमात्र गुनाह है। अगर आप ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं तो पुलिस आपको ज़रूर पकड़ लेगी, अन्यथा बड़े से बड़ा अपराध करने पर आपके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।
इस किताब में बबलू ने उन ख्वाबों का भी जिक्र किया है, जो अधूरे रह गए। उसका सबसे बड़ा सपना अंडरवर्ल्ड का बादशाह बनना था और दाउद इब्राहीम को नेस्तनाबूद करना था। अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए उसने छोटा राजन को किनारे किया। हालांकि वह सिंगापुर में पकड़ा गया और उसका सपना अधूरा रह गया। अब वह इस किताब के जरिए पुलिस की मदद करना चाहता है। इस किताब के लिए उसके साठ लाख रुपए की रायल्टी मिली है,जो शायद किसी भी हिंदी लेखक को मिली अब तक की सबसे ज्यादा रॉयल्टी है। पुस्तक के पहले संस्करण की पांच लाख प्रतियां बिकने की खबर है। पुस्तक की सबसे अहम बात ये है कि बबलू ने इसमें कई राजनेताओं और जानीमानी हस्तियों के अंडरवर्ल्ड से संपर्क होने की बात कही है और ऐसे लोगों के नाम भी दिए हैं।