Summarize Human Knowledge

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Pleas Don't Call Me Human

द्वारा : Mahendra Yadav    

लेखक : Shuo Wang
चीन के सबसे मज़ेदार और सबसे लोकप्रिय उपन्यासकार वांग शुओ ने इस बार अपने व्यंग्य का निशाना दुनिया के पवित्रतम समारोह में से
एक ओलंपिक खेलों को बनाया है। प्लीज़ डोंट काल मी ह्यमैन, यानी मुझे इन्सान मत कहो में वांग ने इस तरह के ओलंपिक खेलों की कल्पना की है, जिसमें सभी देश खेलकूद के क्षमता के आधार पर मुकाबला नहीं करते, बल्कि उनमें इस आधार पर मुकाबला होता है कि किस देश के नागरिकों में ज्यादा अपमान या बेइज्जती झेलने की क्षमता है। इसमें चीन की कोशिश है कि वो हर हालत में जीत हासिल करे। अपने कटाक्ष और अश्लीलता के कारण इस किताब पर चीन में पाबंदी लगा दी गई है।
वांग ने ये कहने की कोशिश की है कि चीन के आदमी बेहद निर्लज्ज और बेशरम होते हैं। बेइज्जती का उन पर कोई असर नहीं होता है। जाहिर है, ये बात चीन की सरकार को पसंद नहीं आ सकती थी। वैसे इस किताब में वांग शुओ की अपनी शैली और प्रतिभा का पूरा दर्शन इसमें मिलता है और अपनी इसी खूबी के कारण वो जाने जाते हैं।
प्रकाशन तिथि: अप्रैल 14, 2006
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