लोग दुखी क्यों हैं? लोग किस बात पर विश्वास करने लगते हैं? हमारे विचार और हमारी भावनाएं कहां से आती हैं? हम वास्तविक खुशी
कैसे पा सकते हैं? इस खोजी और क्रांतिकारी किताब में रॉय मास्टर्स ने फ्रायड और
आधुनिक मनोविज्ञान समेत शायद सबसे आधुनिक मनोवैज्ञानिक प्रणाली के बारे में बताया है। इस परिचयात्मक पुस्तक में हमारे दुखों और परेशानियों के मूल कारण
तलाशे हैं और उनके निदान बताए हैं। इनके निदानों में आत्मज्ञान मुख्य है जो तटस्थ जागरूकता के जरिए पाया जा सकता है और हमारी वास्तविक पहचान को बताता है।
हर इन्सान एक ही चीज़ की तलाश में हैं। वो है वास्तविकक प्रसन्नता। लेकिन जैसा की थोरो की राय है,"ज्यादातर लोग संपूर्ण अवसाद की हालत में रहते हैं। हम सभी काफी बेचैनी से भ्रामक खुशी की तलाश करते हैं।" सच तो ये है कि हम सभी डर, संदेह, भ्रम, चिंता, अपराधबोध, तनाव और परेशानियों से लगातार पीड़ित रहते हैं।
ये सिलसिला पूरी जिंदगी चलता रहता है। लेकिन कभी कभी हमें लगता है कि वास्तविक खुशी कुछ और ही है। जीवन की सच्ची स्थिति ये संपूर्णता है। लेकिन हम इसे कैसे पा सकते हैं? संपूर्ण अवसाद की हालत से हम कैसे बच सकते हैं? आज के आधुनिक युग में कई तरह की चिकित्सा पद्धतियां हैं, कई गुरु हैं, दवाइयां हैं, नशीले पदार्थ हैं, मनोविज्ञान की परंपरागत तकनीकें भी हैं। इस आसान लेकिन ताकतवर तरीके की खोज में हज़ारों लोग दशकों से लगे हैं और इसके जरिए खुशी और विश्वास पाते हैं। आप भी वो पद्धति और दर्शन जानिए जिसके बल पर लोग नशीले पदार्थों, शराब और दूसरी बुरी आदतों से मुक्त हुए हैं। बचपन और यौन संबंधी परेशानियों से उबरें हैं, रिश्तों और शादीशुदा जिंदगी की उलझनों से बाहर निकले हैं। इसके अलावा हर तरह के सवालों के जवाब पा सकते हैं। इस पुस्तक में आपको हर वो जवाब मिलेगा जिसकी आपको तलाश है।