Hindi poem
Summary rating: 2 stars
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300
प्रकाशन तिथि: जनवरी 11, 2008
हमार नेता हैं बहुत कमाल
उनके रहते हैं दाँत हमेशा लाल
पूरे दिन खाते हैं वे पान
देश की मुसीबतों का उनको बिलकुल नहीं ज्ञान
जब आप होते वोटिंग लाईन में खड़े
करते हैं वे वादे बड़े-बड़े
भूल जाने में उनसे नहीं कोई अच्छा
उनसे बेहतर देश चलाये बच्चा
एक भी नहीं है सच्चा
उनके हाथों में पड़े
देश हमारा सड़े
आपस में वे हमेशा लड़ें
देखकर देश का बुरा हाल
मन में आता है ख्याल
अगर मैं होती नेता
देश प्रगति कि ओर कदम लेता